एटा के जैथरा क्षेत्र के लालपुर जहांगीराबाद गांव में गुरुवार को 50 से अधिक महिलाओं ने शराब दुकानों के विरोध में हंगामा किया. महिलाओं ने दुकानों से शराब की पेटियां और बोतलें बाहर निकालकर सड़क पर फेंकने का आरोप है, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली.
एटा. थाना जैथरा क्षेत्र स्थित लालपुर जहांगीराबाद गांव में गुरुवार को शराब की दुकानों के विरोध में बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंचीं. करीब 50 से अधिक महिलाओं ने दोनों दुकानों का घेराव किया. आरोप है कि इस दौरान शराब की पेटियां और बोतलें दुकानों से बाहर निकालकर सड़क पर फेंक दी गईं और दुकानों में तोड़फोड़ की गई.
महिलाओं का कहना है कि गांव में शराब की वजह से कई परिवार प्रभावित हो रहे हैं. उनके अनुसार परिवार के कुछ लोग शराब का सेवन करते हैं, जिससे घर की आर्थिक स्थिति खराब होने के साथ घरेलू विवाद भी पैदा होते हैं.
महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि शराब के नशे में कुछ लोग घर पहुंचकर मारपीट करते हैं और परिवार की जरूरतों पर ध्यान नहीं देते. इसी वजह से उन्होंने गांव में शराब की दुकानें नहीं रहने देने की मांग करते हुए विरोध किया.
सेल्समैन ने लगाए आरोप
सेल्समैन नरेंद्र कुमार के मुताबिक उन्होंने सुबह करीब 10 बजे दुकान खोली थी. कुछ देर बाद 50 से अधिक महिलाएं वहां पहुंचीं और आरोप के मुताबिक शराब की पेटियां बाहर निकालकर बोतलें सड़क पर फेंक दीं.
दूसरे सेल्समैन विपिन कुमार ने भी महिलाओं पर दुकान में तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया. हंगामा बढ़ने के बाद दोनों सेल्समैन मौके से चले गए.
पुलिस ने कराया शांत
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और महिलाओं को समझाकर शांत कराया. इसके बाद स्थिति सामान्य हुई और दोनों सेल्समैन वापस दुकानों पर पहुंचे.
आबकारी प्रभारी कुलदीप चौहान ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है. उनके अनुसार दुकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों में महिलाओं के हंगामे और शराब बाहर निकालने की घटना रिकॉर्ड हुई है. फुटेज के आधार पर संबंधित महिलाओं को चिह्नित कर मुकदमा दर्ज कराने और कार्रवाई की बात कही गई है.
तहरीर मिलने पर कार्रवाई
सीओ राजेश सिंह ने बताया कि शराब की दुकान के विरोध में बड़ी संख्या में महिलाएं वहां पहुंची थीं और शराब की पेटियां बाहर निकालकर तोड़फोड़ की गई. महिलाओं की मांग थी कि शराब का ठेका बंद किया जाए.
सीओ के अनुसार महिलाओं को समझाकर शांत कराया गया, क्योंकि संबंधित दुकान सरकारी ठेका है. उन्होंने कहा कि यदि दुकान मालिक की ओर से तहरीर दी जाती है तो उसके आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.

