Dharam Desk :- ज्योतिषीय परंपराओं में जीव-सेवा जीवों की देख भाल केवल परंपरा नहीं बल्कि जिम्मेदारी भी हैं।नवग्रहों के दोषों को शांत करने और जीवन में सुख-समृद्धि लाने का एक अचूक माध्यम माना गया है। यदि जीवन में निरंतर आ रही परेशानियां व्यापार में घाटे,स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं या मानसिक तनाव से परेशान हैं। तो इसका एक बड़ा कारण ग्रहों की विपरीत परिस्थितियों हो सकती है।अपने आसपास मौजूद पशु-पक्षियों की थोड़ी सी सेवा और देखभाल करके नवग्रहों को अपने अनुकूल बना सकते हैं।पशु-पक्षियों और मूक जीवों की सेवा करना केवल एक पूजा-पाठ नहीं है बल्कि यह हमारे जीवन, प्रकृति और ऊर्जा का संबंध को संतुलित करने का प्राकृतिक तरीका है। जब किसी असहाय जीव को भोजन और आश्रय देते हैं।तो उससे पैदा होने वाली सकारात्मक ऊर्जा जीवन के ग्रहों के नकारात्मक दोषों को मिटा देती है। इसलिए दिनचर्या में इनमें से छोटे-छोटे उपायों को शामिल करें और जीवन में सकारात्मक बदलाव महसूस करें।

सूर्य से शनि तक जानिए किस ग्रह के लिए किस जीव की सेवा मानी जाती है शुभ
चींटियों की सेवा-मंगल और शनि ग्रह की शांति
उपाय
अगर कुंडली में मंगल ग्रह कमजोर है या शनि की महादशा ढैय्या या साढ़ेसाती चल रही है।तो चींटियों की सेवा करना अत्यंत लाभदायक होता है।चींटियों को रोजाना आटा शक्कर या तिल का चूर्ण खिलाएं। इससे भूमि-भवन संबंधी समस्याएं दूर होती हैं और शनि का प्रकोप शांत होता है।
गाय की सेवा- सभी नौ के नौ ग्रहों की कृपा
उपाय
भारतीय संस्कृति में गाय को माता का दर्जा दिया गया है और गाय में सभी देवी-देवताओं व नवग्रहों का वास होता है। इसलिए रोजाना भोजन बनाते समय पहली रोटी गाय के लिए निकालें। गाय को हरा चारा, गुड़ या रोटी खिलाने से जीवन के समस्त पापों और कष्टों का नाश होता है तथा नवग्रहों का संतुलन बना रहता है।
बिल्लियों की सेवा- राहु ग्रह की शुभता
उपाय
अगर जीवन में अचानक होने वाली घटनाएं घट रही हैं।डर बना रहता है या दिमाग भटकता रहता है तो इसका कारण राहु का अशुभ प्रभाव हो सकता हैं। इसके लिए बिल्लियों की देखभाल करने या उन्हें दूध-भोजन देने से राहु का नकारात्मक प्रभाव कम होता है और जीवन में स्पष्टता आती है।
मछलियों की सेवा- शनि और राहु ग्रह का संतुलन
उपाय
जल तत्व से जुड़ी मछलियों की सेवा करने से मानसिक शांति प्राप्त होती है और गंभीर से गंभीर आर्थिक संकट टल जाते हैं।तालाब, नदी या घर के एक्वेरियम में मछलियों को आटे की गोलियां बनाकर खिलाएं। इससे शनि और राहु दोष समाप्त होते हैं और धन प्रवाह बढ़ता है।
कौवों की सेवा- शनि ग्रह की विशेष कृपा
उपाय
कौवे को शनिदेव का वाहन और पितरों का प्रतीक माना जाता है।रोजाना भोजन का एक अंश कौवों के लिए छत या मुंडेर पर रखें। विशेष रूप से शनिवार के दिन कौवों को रोटी पर तेल लगाकर या चावल खिलाने से शनि देव खुश होते हैं और करियर की रुकावटें दूर होती हैं।
कुत्तों की सेवा- केतु और शनि ग्रह की शांति
उपाय
कुत्ता केतु ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है। यदि दुश्मनों का डर है या स्वास्थ्य संबंधी बीमारियां हैं।तो कुत्तों की सेवा सबसे उत्तम उपाय है।आवारा या पालतू कुत्तों को रोटी, बिस्कुट या दूध दें। इससे केतु और शनि दोनों ग्रह शांत रहते हैं और जीवन में सुरक्षा व निष्ठा का माहौल बनता है।
कबूतर, तोते और अन्य पक्षियों की सेवा- बुध और राहु ग्रह की अनुकूलता
उपाय
पक्षी बुद्धि संचार और स्वतंत्रता के प्रतीक हैं। बुध ग्रह की कमजोरी से व्यापार और वाणी प्रभावित होती है।इसके लिए घर की छत या बालकनी में पक्षियों के लिए पानी का परिंडा रखें और अनाज डालें। कबूतर और तोते जैसे पक्षियों को दाना खिलाने से बौद्धिक क्षमता बढ़ती है।व्यापार में वृद्धि होती है और राहु का प्रभाव भी शांत रहता है।
बंदरों की सेवा- मंगल और सूर्य ग्रह का बल
उपाय
बंदरों को बजरंगबली का रूप माना जाता है। इनकी सेवा से मनुष्य में साहस आत्मबल और ऊर्जा का संचार होता है। मंगलवार और रविवार के दिन बंदरों को चने, गुड़, केले या फल खिलाएं। ऐसा करने से मंगल का साहस और सूर्य का तेज प्राप्त होता है, तथा मान-सम्मान में वृद्धि होती है।
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