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मोसीम तडवी, बुरहानपुर। मध्यप्रदेश पंचायत चुनाव में परिवारवाद का जादू नहीं चला। लोगों ने निर्दलीय विधायक की बेटी और बहू को नकार दिया है। चुनाव में दोनों को पराजय का सामना करना पड़ा है।

बुरहानपुर के निर्दलीय विधायक ठाकुर सुरेन्द्र सिंह शेरा अपनी बेटी और बहु को जीता नहीं पाए। पंचायत चुनाव में बेटी को जिला पंचायत सदस्य और बहु को जनपद सदस्य के लिए खड़ा किया था। विधायक ने गांव गांव घूमकर बेटी और बहू के लिए वोट मांगे थे, फिर भी विधायाक शेरा अपनी बेटी और बहू को नहीं जीता पाए। विधायक की बेटी लयश्री ठाकुर जिला पंचायत चुनाव में दो हजार वोटों से पराजित हुई हैं। इसी तरह बहू अभिलाषा ठाकुर जनपद पंचायत में दो हजार वोटो से हार का सामना करना पड़ा। विधायक शेरा अपने घर के लोगों को चुनाव में जीत हासिल नहीं करा सके।

बात दें कि विधायक शेरा की पत्नी को जिला पंचायत के लिए कांग्रेस ने अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया था, लेकिन ऐन वक्त पर विधायक की पत्नी ने अपना नामांकन वापस ले लिया था। विधायक शेरा ने 2018 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस को पराजित किया था। विपक्षी दल कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अजय रघुवंशी ने कहा की जनता का जनादेश है, और हार से सबब लेंगे। अगले चुनाव में जरुर सबसे मिलकर जो कमियां रही हैं उनसे सबक लेंगे। बीजेपी जिलाध्यक्ष मनोज लधवे ने शेरा की बेटी और बहू की हार पर तंज कसते हुए कहा कि चुनाव जीतने के लिए जनता का काम करना पड़ता है। जो जनता के काम करता है वो चुनाव जीतता है। विधायक शेरा पर काम नहीं करने का आरोप लगाया है। इसीलिए विधायक अपनी बेटी और बहू को जीता नहीं पाए।

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