फतेहाबाद। हरियाणा के फतेहाबाद जिले में स्थित एक सरकारी गर्ल्स स्कूल से गुरु-शिष्य की मर्यादा को ठेस पहुंचाने वाला मामला सामने आया है। स्कूल परिसर के भीतर ही अध्यापकों के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि टीचर्स के बीच जमकर तू-तू मै-मै और झगड़ा होने लगा। स्कूल के भीतर हुए इस अचानक हंगामे और अशांत माहौल को देखकर वहां पढ़ रही छात्राएं बुरी तरह डर गईं।

दहशत के इस माहौल के कारण स्कूल की एक महिला शिक्षिका और करीब 10 छात्राओं की तबीयत अचानक बहुत ज्यादा बिगड़ गई। घबराहट और पैनिक अटैक आने के चलते आनन-फानन में महिला शिक्षिका और सभी छात्राओं को टोहाना के नागरिक अस्पताल में दाखिल कराना पड़ा, जहां उनका इलाज चल रहा है।

जातिगत टिप्पणी को लेकर हुआ विवाद

मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद अध्यापकों के बीच आपसी रंजिश और मर्यादाहीन भाषा के इस्तेमाल के कारण हुआ। एक पक्ष ने दूसरे शिक्षक पर जातिगत और बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया है। वहीं दूसरे पक्ष ने इन सभी आरोपों को एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। इस तीखे झगड़े के बाद दोनों ही पक्ष खुद को पीड़ित बताते हुए अस्पताल पहुंच गए। इस दौरान अस्पताल के बेड पर एक शिक्षक का अलग ही अंदाज देखने को मिला, जो आंखों पर काला चश्मा और गले में विशेष पटका लगाए नजर आए।

छात्राओं ने खोले प्रशासन के दावों के पोल

मामले की सूचना मिलते ही एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (ADC) तुरंत अस्पताल पहुंचे और बीमार छात्राओं से बातचीत की। इस दौरान छात्राओं ने रोते हुए प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े किए। छात्राओं का कहना है कि स्कूल में यह विवाद पिछले तीन महीनों से लगातार चल रहा है, जिससे उनका पढ़ाई का माहौल पूरी तरह खराब हो चुका है।

छात्राओं ने यह भी खुलासा किया कि संबंधित शिक्षक के खराब व्यवहार को लेकर पहले भी एसडीएम (SDM) से शिकायत की गई थी। उस समय प्रशासन ने शिक्षक को 15 दिन की छुट्टी पर भेज दिया था, लेकिन बाद में बिना किसी सख्त सुधार के उन्हें दोबारा इसी स्कूल में तैनात कर दिया गया। छात्राओं ने अधिकारियों से पूछा कि अगर आज इस माहौल में किसी बच्ची को कुछ हो जाता, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता? फिलहाल प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं।