फतेहपुर के ललौली थाना क्षेत्र में घर में अकेली रह रही बिल्किश बेगम की हत्या कर बदमाश नकदी और जेवर लेकर फरार हो गए. पुलिस परिचितों और करीबियों समेत कई पहलुओं पर जांच कर रही है और वारदात के खुलासे के लिए पांच टीमें लगाई गई हैं.

फतेहपुर. जिले में ललौली थाना क्षेत्र के सातआना कस्बे के अलीबाबा मोहल्ले में 62 वर्षीय बिल्किश बेगम की हत्या कर लूटपाट की गई. बृहस्पतिवार देर रात हुई वारदात का पता शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे चला, जब पारिवारिक भतीजा एजाज खान उनके घर पहुंचा. महिला घर में अकेली रहती थीं और उनके दोनों बेटे मुंबई में फल रखने के लिए पेटियां बनाने का कारोबार करते हैं.

घर में मिला शव

एजाज खान के मुताबिक, वह शुक्रवार सुबह अपनी सगाई के लड्डू देने चाची के घर गया था. मुख्य गेट खुला था, लेकिन अंदर का दरवाजा बंद था. धक्का देने पर दरवाजा खुला तो आंगन के पास बरामदे में बिल्किश बेगम मृत मिलीं. उनके मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था, गले में शॉल कसी थी और बायां हाथ व पैर दुपट्टे से बंधे थे.

सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे. एसपी और एएसपी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, जबकि फॉरेंसिक टीम ने वहां से साक्ष्य जुटाए. पुलिस के मुताबिक, महिला के शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले हैं.

नकदी और जेवर की लूट

वारदात के बाद घर के दोनों कमरों में रखी अलमारियां और बक्से खुले मिले. सामान बिखरा हुआ था और नकदी व जेवर गायब थे. शुरुआती जानकारी के अनुसार, बदमाश 50 हजार रुपये नकद और जेवर समेत करीब 22.50 लाख रुपये का सामान ले गए.

मुंबई से लौट रहे बड़े बेटे नसीम खान ने बताया कि घर में मां और छोटे भाई की पत्नी हिना के करीब 13 तोला सोने और एक किलो चांदी के जेवर रखे थे. इसके अलावा 50 हजार रुपये भी घर में मौजूद थे. पुलिस का कहना है कि चोरी गए सामान का सही आकलन परिजनों के पहुंचने के बाद ही हो सकेगा.

सिलिंडर के सहारे घुसे बदमाश

पुलिस को घर की बाहरी दीवार के पास गैस सिलिंडर रखा मिला. आशंका है कि हमलावरों ने इसका सहारा लेकर छज्जे के रास्ते छत पर प्रवेश किया और फिर सीढ़ियों से आंगन में उतरे. माना जा रहा है कि आहट सुनकर बिल्किश बेगम की नींद खुली होगी और विरोध या शोर मचाने पर उनकी गला कसकर हत्या कर दी गई.

पुलिस का अनुमान है कि वारदात में दो से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं. घटनास्थल की परिस्थितियों के आधार पर माना जा रहा है कि कुछ लोगों ने महिला के हाथ-पैर पकड़े होंगे और अन्य ने उन्हें बांधने तथा गला कसने में मदद की होगी. हालांकि, पुलिस ने अभी आरोपियों की संख्या या वारदात के तरीके की पुष्टि नहीं की है.

करीबियों पर भी शक

पुलिस आसपास के लोगों और परिवार के सदस्यों से पूछताछ कर रही है. जांच में सामने आया है कि बिल्किश बेगम घर में अकेली रहती थीं और बाहरी लोगों को अंदर आने नहीं देती थीं. वह चुनिंदा लोगों से ही संपर्क रखती थीं. इसी वजह से पुलिस परिचितों और करीबियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है.

पुलिस सर्विलांस के जरिये घटनास्थल के आसपास रात के समय सक्रिय मोबाइल नंबरों की जांच कर रही है. एसपी ने मामले के खुलासे के लिए सर्विलांस और एसओजी समेत पांच टीमें गठित की हैं. आसपास के गांवों में सीसीटीवी कैमरों की जानकारी जुटाई गई, लेकिन पुलिस को किसी कैमरे की जानकारी नहीं मिली.

संपत्ति को लेकर अनबन

बिल्किश बेगम के पति शमीम खान की कई साल पहले मौत हो चुकी थी. उनके दोनों बेटे नसीम खान उर्फ मैकू और मुस्तकीम अपने परिवारों के साथ मुंबई में रहते हैं, जहां वे फलों की पेटियां बनाने का कारोबार करते हैं. महिला त्योहारों पर बेटों के पास मुंबई जाती थीं और करीब तीन महीने पहले बारावफात के बाद वहां से लौटी थीं. उनकी ससुराल बांदा जिले के सबहदा गांव में थी.

महिला के पिता रमजान खान ने उन्हें मकान खरीदकर दिया था और उनके नाम करीब साढ़े तीन बीघा खेत का भी बैनामा कराया था. पिता की सात और मां कुसुमन बीबी की आठ साल पहले मृत्यु हो चुकी है. उनका भाई अब्बास खान सातआना के निबहरा में परिवार के साथ पैतृक मकान में रहता है.

ग्रामीणों के बीच मकान और जमीन को लेकर भाई-बहन के बीच लंबे समय से अनबन होने की चर्चा है. हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से किसी की संलिप्तता की पुष्टि नहीं की गई है.

एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि शुरुआती परिस्थितियों से किसी परिचित या पहचान वाले व्यक्ति की भूमिका की आशंका है. परिजनों के पहुंचने पर तहरीर लेकर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी. पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है.