Odisha Desk, भुवनेश्वर: ढेंकानाल प्रभागीय वन अधिकारी (DFO) कार्यालय में पिछले 10 वर्षों से चले आ रहे ₹65,90,773 रुपये के बड़े वित्तीय घोटाले का ओडिशा विजिलेंस ने पर्दाफाश किया है। विजिलेंस ने रविवार को इस मामले में मुख्य आरोपी वरिष्ठ लिपिक सुजीत कुमार जेना और उसके दो सहयोगियो सौम्य रंजन बेहरा तथा रश्मि रंजन स्वां को गिरफ्तार कर लिया है।
विजिलेंस की जांच में 2016 से 2026 के बीच हुए वित्तीय लेनदेन के गहन सत्यापन के बाद इस सुनियोजित फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। आरोपी सुजीत कुमार जेना ने अपने प्रशासनिक अधिकारों का गलत इस्तेमाल करते हुए सरकारी धन को अपने, अपनी मां, रिश्तेदारों और सहयोगियों के निजी बैंक खातों में ट्रांसफर किया।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, बर्खास्त और फरार कर्मचारियों के वेतन, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाया बिल, अनंतिम पेंशन, स्थापना वेतन बिल, आकस्मिक खर्च और जाली यात्रा भत्ता के पैसों में गबन किया गया।
गबन की गई कुल राशि में से:
8,72,520 रुपये आरोपी जेना की मां के बैंक खाते में भेजे गए।
10,48,866 रुपये सदर रेंज के एलीफेंट स्क्वाड कर्मचारी सौम्य रंजन बेहरा के खाते में ट्रांसफर किए गए।
8,86,193 रुपये करीबी सहयोगी रश्मि रंजन स्वां के खाते में जमा कराए गए।
मामला उजागर होने के बाद तीनों आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे और गिरफ्तारी से बच रहे थे। विजिलेंस विभाग ने तकनीकी खुफिया जानकारी और मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग के जरिए उनका सुराग लगाया और उन्हें धर दबोचा।
इस संबंध में विजिलेंस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। तीनों आरोपियों को आज ढेंकानाल स्थित विशेष न्यायाधीश (विजिलेंस) की अदालत में पेश किया जा रहा है। इस घोटाले में अन्य अधिकारियों की संलिप्तता का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
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