धनबाद। झारखंड के धनबाद में बिजली चोरी के नए तरीके पर बिजली विभाग ने शिकंजा कस दिया है। स्मार्ट मीटर से छेड़छाड़ कर बिजली बिल कम कराने की कोशिश करने वाले दो उपभोक्ता विभाग के डिजिटल सर्विलांस सिस्टम की पकड़ में आ गए। गांधीनगर के रहने वाले सुरेंद्र यादव और राधेश्याम यादव पर स्मार्ट मीटर की सील तोड़कर उसे धीमा करने का आरोप है। विभाग ने दोनों पर कुल 1,08,050 रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही बिजली कनेक्शन काटकर स्थानीय थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई।

स्मार्ट मीटर की चिप ने पकड़ी गड़बड़ी

जानकारी के अनुसार, गांधीनगर निवासी सुरेंद्र यादव और राधेश्याम यादव ने अपने घरों में लगे स्मार्ट मीटर की सील तोड़कर मीटर की गति धीमी करने की कोशिश की थी। उनका मकसद बिजली की खपत कम दिखाकर बिल घटाना था।

हालांकि, उन्हें अंदाजा नहीं था कि स्मार्ट मीटर में लगी चिप और सेंट्रल सर्वर की ऑनलाइन मॉनीटरिंग से छेड़छाड़ की जानकारी विभाग तक पहुंच जाएगी। मीटर में गड़बड़ी सामने आते ही मुख्यालय को अलर्ट मिल गया। इसके बाद जेबीवीएनएल की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और मीटर से छेड़छाड़ की पुष्टि की।

दोनों उपभोक्ताओं पर लगा भारी जुर्माना

जेबीवीएनएल के सहायक अभियंता सुजीत कुमार के अनुसार, स्मार्ट मीटर की हर गतिविधि की ऑनलाइन मॉनीटरिंग होती है। मीटर की सील कब और किस समय तोड़ी गई, इसका डिजिटल रिकॉर्ड भी सर्वर पर दर्ज हो जाता है।

जांच के बाद विभाग ने सुरेंद्र यादव पर 43,226 रुपये और राधेश्याम यादव पर 64,824 रुपये का जुर्माना लगाया। दोनों के बिजली कनेक्शन काट दिए गए और स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई।

जुर्माना भरने के बाद लगाए गए नए मीटर

हालांकि, बाद में दोनों उपभोक्ताओं ने जुर्माने की राशि जमा कर दी। इसके बाद उनके घरों में नए स्मार्ट मीटर लगाए गए।

वहीं, अधीक्षण अभियंता संजय बेसरा ने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर से छेड़छाड़ करने वालों पर विभाग सख्त कार्रवाई करेगा। ऑनलाइन मॉनीटरिंग के कारण किसी भी तरह की गड़बड़ी का पता तुरंत चल जाता है। उन्होंने उपभोक्ताओं को चेतावनी दी कि मीटर से छेड़छाड़ करने की कोशिश भारी पड़ सकती है।