राजधानी में यमुना नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर 204.5 मीटर के ऊपर बना हुआ है। लगातार पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश और हथनीकुंड, वजीराबाद तथा ओखला बैराज से छोड़े जा रहे पानी के कारण नदी का प्रवाह तेज हो गया है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने सभी संबंधित एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा है और बचाव से जुड़े सतर्कता एवं एहतिहाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
उत्तराखंड के पहाड़ों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण यमुना नदी पर बने हथिनी कुंड बैराज का जलस्तर अचानक बढ़ गया है। शुक्रवार को यमुना में जलस्तर 50,000 क्यूसेक को पार कर 67,034 क्यूसेक दर्ज किया गया। इसमें यमुना में 58,514 क्यूसेक, पश्चिमी यमुना में 7,010 क्यूसेक और पूर्वी यमुना में 1,510 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जलस्तर बढ़ने के कारण बैराज के 18 गेट खोल दिए गए और पानी को दिल्ली की तरफ डायवर्ट कर दिया गया।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार, भारी बारिश के कारण यमुना का जलस्तर और बढ़ने की संभावना है। बैराज कर्मचारियों को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। बैराज से छोड़ा गया पानी दिल्ली पहुंचने में आमतौर पर 48 से 50 घंटे का समय लेता है, जिससे राजधानी में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
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खतरे के निशान के करीब पहुंची यमुना
यमुना नदी का जलस्तर पिछले कल शाम 205.33 मीटर के पार पहुंच गया था, जो खतरे के निशान के बहुत करीब था। हालांकि, आज सुबह इसमें थोड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह 204.67 मीटर पर बह रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, पुराने लोहे के पुल के पास पानी का बहाव सामान्य से काफी ऊपर है, जिससे कई निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने इन क्षेत्रों में सतर्क रहने और बचाव उपायों के निर्देश जारी किए हैं।
यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे राजधानी में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। बाढ़ नियंत्रण विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है और सभी संबंधित एजेंसियों को अलर्ट पर रखा है। आज सुबह लगभग 5 बजे हथिनी कुंड बैराज से 74,939 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। अधिकारियों के अनुसार, यह पानी अगले 20 से 40 घंटों में दिल्ली पहुंच सकता है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।
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हथनीकुंड और वजीराबाद बैराज से भारी मात्रा में छोड़ा गया पानी
यमुना नदी में पानी बढ़ने का सबसे बड़ा कारण हथिनी कुंड, वजीराबाद और ओखला बैराज से लगातार पानी छोड़ा जाना है। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही मूसलाधार बारिश के चलते बैराज से हर घंटे हजारों क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है। सुबह 8 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, हथिनी कुंड बैराज से पानी का डिस्चार्ज 51,502 क्यूसेक रहा। इससे दिल्ली में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है और प्रशासन ने सभी संबंधित एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा है।
यमुना नदी में जलस्तर बढ़ने का मुख्य कारण हथिनी कुंड, वजीराबाद और ओखला बैराज से लगातार पानी का छोड़ा जाना है।
सुबह 8 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार:
हथिनी कुंड बैराज: 51,502 क्यूसेक
वजीराबाद बैराज: 34,120 क्यूसेक
ओखला बैराज: 42,006 क्यूसेक
बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार, यह पानी अगले 40 घंटों में दिल्ली तक पहुंच सकता है, जिससे राजधानी का जलस्तर और बढ़ सकता है और बाढ़ का खतरा गंभीर हो सकता है।
प्रशासन अलर्ट, जनता से अपील
यमुना नदी का चेतावनी स्तर 204.50 मीटर पर पहुंच गया है, जबकि खतरे का निशान 205.33 मीटर है। अधिकारियों के अनुसार, जलस्तर 206 मीटर तक पहुंचते ही प्रशासन निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना शुरू कर देता है। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने बचाव दल और संबंधित एजेंसियों को स्टैंड-बाय मोड पर रखा है ताकि आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
प्रशासन ने दिल्लीवासियों से अपील की है कि वे यमुना नदी किनारे न जाएं और सुरक्षा के लिए सभी निर्देशों का पालन करें। पिछले साल यमुना का जलस्तर 208.66 मीटर तक पहुंचा था, जिससे राजधानी के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बने थे। अधिकारियों का कहना है कि इस साल भी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, और सभी को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
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