गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून 2025 की दोपहर एअर इंडिया का लंदन जा रहा प्लेन हादसे का शिकार हुआ था। इस मामले में लंदन के अखबार ‘द इंडिपेंडेंट’ की एअर इंडिया पर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। इसके मुताबिक एअर इंडिया ने हादसे में जान गंवाने वालों के परिजन को अतिरिक्त मुआवजे के बदले केस करने का अधिकार छोड़ने का प्रस्ताव दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि एयर इंडिया ने पीड़ितों के परिजनों को अतिरिक्त मुआवजे का ऑफर दिया है, ताकि वे भविष्य में कोई मुकदमा नहीं कर पाएं। वहीं, एक अन्य रिपोर्ट में पायलट की भूमिका को लेकर कहा गया है कि पायलट ने जानबूझकर विमान के फ्यूल स्विच बंद किए थे।

कानूनी पचड़ों से बचने 10 से लेकर 20 लाख रुपये तक की अतिरिक्त पेशकश

लंदन के अखबार द इंडिपेंडेंट के अनुसार, एयर इंडिया ने हादसे में जान गंवाने वालों के परिजन को अतिरिक्त मुआवजे का ऑफर दिया, जिसके बदले में वे मुकदमा करने का अधिकार छोड़ देंगे। एयरलाइन परिवारों को 10 से लेकर 20 लाख रुपये तक की राशि देकर समझौते की पेशकश कर रही है। इसके बदले परिवारों को स्वीकार करना होगा कि वे भविष्य में हादसे से जुड़ा दावा नहीं करेंगे और सभी कानूनी जिम्मेदारियों से कंपनी को मुक्त कर देंगे।

एयरलाइन के प्रस्ताव का हो रहा विरोध

रिपोर्ट के मुताबिक, एयर इंडिया के प्रस्ताव का पीड़ितों के परिवारों की कानूनी टीम ने विरोध किया है। उनका कहना है कि जांच पूरी नहीं हुई है, ऐसे में प्रलोभन अनुचित है। वहीं, एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा, “एयरलाइन इस मुश्किल प्रक्रिया से गुजर रहे हर प्रभावित परिवार की मदद के लिए प्रतिबद्ध है। शुरुआती अं​तरिम राशि देने के बाद हमने तय किया है कि हर परिवार को दी जाने वाली आखिरी राशि सही और कानून के मुताबिक हो।”

पायलट ने जानबूझकर ईंधन स्विच बंद किया- रिपोर्ट

इटली के अखबार कोरिएरे डेला सेरा ने दिल्ली और वाशिंगटन के बीच हुई बातचीत से परिचित सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि जांचकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि दुर्घटना तकनीकी खराबी के कारण नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई थी। जांचकर्ताओं का कहना है कि इंजन में ईंधन की आपूर्ति किसी यांत्रिक खराबी के कारण नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई कार्रवाई के चलते बंद हुई थी। हालांकि, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने अभी आधिकारिक रिपोर्ट जारी नहीं की है।

जांच में कॉकपिट रिकॉर्डिंग भी शामिल

अखबार ने दावा किया कि जांचकर्ताओं का मानना ​​है कि पायलटों में से एक ने इंजन के ईंधन नियंत्रण स्विच बंद कर दिए थे, जिसके कारण ये दुर्घटना हुई। बता दें कि कैप्टन सुमित सभरवाल विमान के मुख्य पायलट थे, जबकि फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर सह-पायलट थे। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) द्वारा जारी कॉकपिट रिकॉर्डिंग में एक पायलट को यह पूछते हुए सुना गया था, “आपने ईंधन स्विच क्यों बंद किया?” फिर दूसरे पायलट ने कहा, “मैंने नहीं किया।”

हादसे में मारे गए थे 260 लोग

12 जून, 2025 को अहमदाबाद से लंदन जा रहा एयर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान उड़ान भरते ही छात्रावास से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी समेत 241 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि एक यात्री जीवित बचा था। जमीन पर 20 लोग मारे गए थे। AAIB मामले की जांच कर रहा है, जिसमें अमेरिकी अधिकारी भी शामिल हैं, क्योंकि विमान और इंजन अमेरिका में बने थे।

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