Israel Government Formation: इजराइल में अगला प्रधानमंत्री कौन होगा, इसका फैसला रविवार को हो सकता है। राष्ट्रपति इसाक हर्जोग रविवार को सरकार गठन को लेकर अपने फैसले का ऐलान करेंगे। इस रेस में याशार पार्टी के नेता गादी आइजनकोट मजबूत स्थिति में नजर आ रहे हैं। उन्हें छह राजनीतिक दलों के 67 सांसदों का समर्थन हासिल है, जबकि मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के पक्ष में केवल 46 सांसद हैं। हालांकि, बहुमत का समर्थन मिलने के बावजूद आइजनकोट के सामने गठबंधन सरकार बनाने की बड़ी चुनौती है।
आइजनकोट को 67 सांसदों का समर्थन, फिर भी मुश्किलें बरकरार
इजराइल की 120 सदस्यीय संसद में सरकार बनाने के लिए कम से कम 61 सांसदों का समर्थन जरूरी है। आइजनकोट को चार यहूदी और दो अरब पार्टियों के 67 सांसदों ने समर्थन दिया है। इसके बावजूद इन दलों के बीच सरकार में शामिल होने को लेकर सहमति नहीं बन पाई है।
राष्ट्रपति हर्जोग ने गुरुवार को सभी दलों के नेताओं से मुलाकात के बाद कहा था कि सांसदों की सिफारिशें स्पष्ट हैं, लेकिन राजनीतिक पार्टियों के बीच कई मुद्दों पर मतभेद हैं।
अरब पार्टियों के साथ सरकार बनाने पर पेच
आइजनकोट को समर्थन देने वाले छह दलों में तीन यहूदी पार्टियां अरब दलों के साथ सरकार बनाने के पक्ष में नहीं हैं। वहीं, अरब पार्टियां नेतन्याहू को सत्ता से बाहर रखने के लिए आइजनकोट का समर्थन कर रही हैं।
इस गठबंधन में शामिल जॉइंट लिस्ट की तीन प्रमुख पार्टियां हदाश, ताल और बलद हैं। ये अरब नागरिकों के समान अधिकारों और फिलिस्तीन के मुद्दे पर अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं के साथ काम करती हैं।
42 दिन में बनानी होगी सरकार, वरना हो सकते हैं नए चुनाव
इजराइल में राष्ट्रपति उस नेता को सरकार बनाने का न्योता देते हैं, जिसके पास बहुमत जुटाने की सबसे बेहतर संभावना हो। इसके लिए सबसे ज्यादा सांसदों की सिफारिश पाने वाला नेता होना अनिवार्य नहीं है।
सरकार बनाने के लिए पहले 28 दिन मिलते हैं। जरूरत पड़ने पर राष्ट्रपति 14 दिन का अतिरिक्त समय दे सकते हैं। यानी कुल 42 दिनों में सरकार गठन करना होगा। नई संसद की पहली बैठक 10 नवंबर को होने की उम्मीद है।
चुनाव में नेतन्याहू की लिकुड पार्टी रही सबसे बड़ी पार्टी
27 अक्टूबर को हुए चुनाव में नेतन्याहू की लिकुड पार्टी ने 27 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया था। हालांकि, उसके गठबंधन को कुल 53 सीटें ही मिलीं। दूसरी ओर, आइजनकोट के गठबंधन की चार पार्टियों को 48 सीटें मिलीं, जबकि अरब पार्टियों ने रिकॉर्ड 19 सीटें हासिल कीं।
अब सबकी नजर राष्ट्रपति हर्जोग के रविवार को होने वाले फैसले पर है। उनका निर्णय तय करेगा कि इजराइल में नेतन्याहू की सत्ता बरकरार रहेगी या देश को नया प्रधानमंत्री मिलेगा।
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