अमृतसर. पूर्व कैबिनेट मंत्री आदेश प्रताप सिंह कैरोन आज श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचे और वहां स्पष्टीकरण दिया. श्री अकाल तख्त साहिब के निर्देशों के अनुसार, अकाली दल के मंत्रियों ने हरमंदिर साहिब के दर्शन किए. आदेश प्रताप सिंह, जो सुखबीर सिंह बादल के करीबी रिश्तेदार हैं, भी इस दौरान वहां मौजूद थे.
इससे पहले, सुखबीर सिंह बादल, पूर्व मंत्री बीबी जगीर, डॉ. दलजीत सिंह चीमा समेत कई अन्य मंत्री भी श्री अकाल तख्त साहिब पर स्पष्टीकरण देने पहुंचे थे.
30 अगस्त को श्री अकाल तख्त साहिब पर पांच सिंह साहिबान की बैठक में सुखबीर सिंह बादल और 17 अन्य मंत्रियों को 15 दिनों के भीतर पेश होकर अपना स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया था. उसी के तहत आदेश प्रताप सिंह कैरोन भी आज पहुंचे.

आदेश प्रताप सिंह को पार्टी-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण 24 मई 2024 को शिरोमणि अकाली दल से निष्कासित कर दिया गया था. वे सुखबीर सिंह बादल के साले हैं. यह फैसला हल्का खडूर साहिब के अकाली दल के उम्मीदवार विरसा सिंह वल्टोहा की शिकायत के बाद लिया गया था.
अकाली दल के महासचिव बलविंदर सिंह भुंदड़ ने वरिष्ठ नेताओं से विचार-विमर्श के बाद इस निष्कासन को मंजूरी दी थी. सुखबीर सिंह बादल को धार्मिक सजा भी दी गई थी. श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने सुखबीर को तंनख़ाहिया करार दिया था. उन पर डेरा सिरसा प्रमुख राम रहीम को माफी देने, सुमेध सैनी को डीजीपी नियुक्त करने और श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामलों में कार्रवाई न करने के आरोप लगे थे.
फैसला सुनाते हुए जत्थेदार ने कहा था कि अकाली दल के मुखिया और उपमुख्यमंत्री रहते हुए सुखबीर बादल ने कुछ ऐसे फैसले लिए जिससे सिख पंथ को भारी नुकसान हुआ. 2007 से 2017 तक के सिख कैबिनेट मंत्रियों को भी अपना स्पष्टीकरण देना चाहिए.
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