विकास कुमार, सहरसा. सपा सांसद रामजी लाल सुमन के द्वारा राज्यसभा में सोलहवीं सदी के राजपूत राजा राणा सांगा को गद्दार बताने पर सियासत तेज हो गई है. पूर्व सांसद आनंद मोहन ने सपा सांसद के इस बयान पर बड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने अपने आवास पर कहा कि, ये अल्पज्ञान का परिचायक है, उनको कुछ बोलने से पहले इतिहास को पढ़ना चाहिए. बाबर को इस देश में बुलाने वाले राणा सांगा नहीं, इब्राहिम लोदी के सगे चाचा आलम खान लोदी थे और दौलत राम थे.

सपा सांसद की खत्म हो मेंबरशिप

आनंद मोहन ने कहा कि, राणा सांगा के बारे में इतिहासकारों ने कहा है कि न केवल देश बल्कि दुनिया में इतना बड़ा पराक्रमी योद्धा शायद ही इतिहास में हुआ हो, उनकी तुलना नेपोलियन बोना पार्ट से की गई. ऐसे महान पराक्रमी वीर शिरोमणि राष्ट्रनायक राणा सांगा को गद्दार कहने वाले के खिलाफ राज्यसभा सभापति को तुरंत एक्शन लेना चाहिए और उनकी मेंबरशिप खत्म करनी चाहिए, जो इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं.

नीतीश के मानसिक स्थिति पर दिया बड़ा बयान

वहीं, राजनीतिक गलियारे में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मानसिक स्थिति को लेकर हो रही चर्चा पर प्रतिक्रिया देते हुए आनंद मोहन ने कहा कि, अगर किसी व्यक्ति की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है तो वो कौन व्यक्ति है, जो 20 वर्षों से उन्हें मनोनुकूल बिहार में रहकर देश की राजनीति को अपने उंगली पर नचा रहे हैं, जो भी गठबंधन से बाहर रहता है. ऐसी बाते करता है और गठबंधन में आते ही वो चाणक्य हो जाते हैं. वो बेपटरी बिहार को पटरी पर लाने वाले नायक हो जाते हैं. मैं इसको सही नहीं मानता. बेपटरी बिहार को पटरी पर लानेवाले और एक बीमारू प्रदेश को पहले विकासशील फिर विकसित बिहार की श्रेणी में लाने वाले व्यक्ति का नाम नीतीश कुमार है.

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