चंकी बाजपेयी, इंदौर। क्षिप्रा थाना क्षेत्र स्थित भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के डिपो में फ़्लीट कार्ड योजना के तहत जारी कार्ड का दुरुपयोग कर पांच करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया है। यह मामला तब सामने आया है जब देश भर में इस योजना के माध्यम से 1093 लोगों ने धोखाधड़ी करते हुए सरकार और पेट्रोलियम कंपनियों को 129 करोड़ का चूना लगा दिया, मामला सामने आने के बाद क्षिप्रा थाना पुलिस ने इंदौर के 7 व्यापारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

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कार्ड दिसंबर 2021 में जारी किए गए

दरअसल इंदौर के क्षिप्रा थाने के अंतर्गत आने वाले मांगलिया पेट्रोलियम डिपो में बीपीसीएल यानि भारत पेटोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड से जुड़े प्रबंधक द्वारा दिए गए आवेदन में बताया गया कि ट्रांसपोर्टर्स और ड्राइवरों को कैश की जरूरत कम करने और सुरक्षित भुगतान के लिए यह कार्ड दिसंबर 2021 में जारी किए गए थे।

पंप मालिकों और ड्राइवरों ने बिना भुगतान ईंधन प्राप्त किया

कार्ड के जरिए डीजल-पेट्रोल भरवाने पर निर्धारित राशि सीधे कंपनी के बैंक खाते से डेबिट होनी थी, इस बीच सॉफ्टवेयर डेवलप करने वाली कंपनी के सॉफ्टवेयर में आई तकनीकी खामियों का फायदा उठाकर पेट्रोल पंप मालिकों और ड्राइवरों ने भुगतान किए बिना ही ईंधन प्राप्त करना शुरू कर दिया। जांच में यह भी सामने आया कि देश भर में हुए इस घोटाले के तहत इंदौर में ही 5 करोड़ 72 लाख की धोखाधड़ी की गई।

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