Dharm Desk – धनतेरस पर बाजारों में खरीदारी की रौनक जारी है। कोई सोना-चांदी खरीदने की तैयारी कर रहा है तो कोई नए बर्तन, वाहन और घरेलू सामान की खरीदारी के लिए शुभ सयम देख रहा है। शुक्रवार, 6 नवंबर को मनाए जा रहे धनतेरस पर्व पर खरीदारी से लेकर लक्ष्मी-कुबेर पूजन और यम दीपदान तक के लिए अलग-अलग पहर निर्धारित किया गया है। खास बात यह है कि सुबह त्रयोदशी तिथि शुरू होने के साथ ही राहुकाल भी रहेगा। ऐसे में खरीदारी के लिए दोपहर 12:05 बजे के बाद का समय बेहतर रहेगा। वहीं, शाम को प्रदोष काल में पूजा का विशेष मुहूर्त है।

धनतेरस पर किस समय क्या करें
समय
मुहूर्त और कार्य
सुबह 10:30 बजे
त्रयोदशी तिथि की शुरुआत
सुबह 10:43 से दोपहर 12:05 बजे तक
राहुकाल, खरीदारी से बचें
दोपहर 12:05 से 12:26 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त, खरीदारी के लिए श्रेष्ठ समय
दोपहर 12:05 बजे के बाद
खरीदारी शुरू कर सकते हैं
दोपहर 1:30 से शाम 4 बजे तक
खरीदारी टालने की सलाह
शाम 4 बजे के बाद
खरीदारी के लिए अनुकूल समय
शाम 6:02 से रात 7:57 बजे तक
प्रदोष काल और स्थिर लग्न में लक्ष्मी-कुबेर व धन्वंतरि पूजन
शाम को करें लक्ष्मी-कुबेर और धन्वंतरि की पूजा
धनतेरस की शाम मां लक्ष्मी, भगवान कुबेर और भगवान धन्वंतरि की पूजा का विशेष महत्व है। इसके लिए शाम 6:02 से रात 7:57 बजे तक का समय शुभ रहेगा। इस दौरान घर और प्रतिष्ठानों में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जा करे। भगवान धन्वंतरि की पूजा आरोग्य और अच्छे स्वास्थ्य की कामना से की जाती है, जबकि मां लक्ष्मी और कुबेर की पूजा सुख-समृद्धि के लिए होती है।
मुख्य दरवाजे पर जलाएं यमराज के नाम का दीपक
धनतेरस पर यम दीपदान भी किया जाता है। स्कंद पुराण में इसका उल्लेख मिलता है। इसके अनुसार, शाम को घर के मुख्य दरवाजे पर यमराज के निमित्त दीपक जलाने का विधान है। सरसों के तेल का दीपक अन्न की ढेरी पर रखकर जलाया जाता है। इस दीपदान के पीछे परिवार को अकाल मृत्यु के भय से बचाने और सदस्यों की लंबी आयु की कामना की जाती है।

