श्री बद्रीनाथ धाम में भगवान बद्री विशाल के अभिषेक में उपयोग होने वाले तिल के तेल का कलश जिसे ‘गाडू घड़ा’ कहा जाता है, 22 अप्रैल को टिहरी के नरेंद्र नगर राजमहल से अपनी यात्रा (Gadu Ghada Yatra) शुरू करेगा. यह यात्रा विभिन्न धार्मिक पड़ावों से होते हुए 3 मई की शाम को श्री बद्रीनाथ धाम पहुंचेगी. इसके अगले दिन 4 मई को भगवान का अभिषेक और पूजन किया जाएगा. जिसके बाद सुबह 6 बजे श्रद्धालुओं के लिए श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट विधिवत रूप से खोल दिए जाएंगे.

बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि 23 अप्रैल को ऋषिकेश में तेलकलश की पूजा-अर्चना होगी. इसके बाद यात्रा सभी पड़ावों से गुजरकर बद्रीनाथ धाम पहुंचेगी. यहां भगवान को तेल से स्नान कराने की परंपरा प्राचीन है. मंदिर के कपाट खुलने पहले उनका अभिषेक किया जाता है. वहीं जब कपाट बंद होते हैं तो भगवान को घृत कंबल ओढ़ाया जाता है.

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बता दें कि 19 अप्रैल से चारधाम यात्रा (Char Dham Yatra 2026) की शुरुआत होगी. इस दौरान गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलेंगे, वहीं 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे. यात्रा के लिए अब तक 14 लाख श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं. इधर यात्रा को व्यवस्थित बनाने के लिए शासन स्तर पर सारी तैयारियां की जा रही है. बीते दिनों आवास विभाग के सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने जनपद चमोली के गौचर, कर्णप्रयाग और चमोली में निर्माणाधीन और प्रस्तावित पार्किंग परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया था. निरीक्षण के दौरान सचिव ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की और सभी परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री की प्राथमिकता के अनुरूप चारधाम यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को सुगम यातायात सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है.