महाराष्ट्र में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर धमकी देने का मामला सामने आया है. पुलिस जांच में पता चला कि मुबंई, ठाणे और राज्य के अन्य जिलों में लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर सराफा व्यापारियों, बिल्डरों और नेताओं को फिरौती के लिए धमकी दी गई. इस मामले में अब तक जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. उनमें से कुछ झारखंड के धनबाद जिले के जामताड़ा इलाके के रहने वाले है. मुंबई पुलिस ने ज्वेलर्स और बिल्डरों को धमकाने वाले जामताड़ा-वासेपुर गैंग के कई सदस्यों को गिरफ्तार किया है. मुंबई पुलिस ने अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. ताजा मामले में बोरिवली के एक ज्वेलर से 30 लाख रुपये की कथित रंगदारी मांगने के आरोप में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.
महाराष्ट्र में लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर फिरौती मांगने का बड़ा मामला सामने आया है. ये आरोपी VPN और अंतरराष्ट्रीय नंबरों का इस्तेमाल कर साइबर अपराध से रंगदारी वसूलते थे. जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह के तार झारखंड से जुड़े हैं.
मुंबई के पश्चिमी उपनगरों में ज्वेलर्स को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर धमकाकर रंगदारी मांगने वाले गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है. आरोपियों ने 18 से 24 फरवरी के बीच वॉट्सऐप कॉल और मैसेज के जरिए खुद को बिश्नोई गैंग का सदस्य बताकर व्यापारी को बाबा सिद्दीकी जैसा अंजाम देने की धमकी दी थी और फिरौती मांगी थी.
इसी तरह विलेपार्ले के एक सराफा व्यापारी अजित जैन से भी 20 लाख की फिरौती मांगी गई थी. इस केस में भी 5 आरोपी पकड़े गए, जिसमें 2 जामताड़ा के रहने वाले है. बोरीवली ज्वेलर केस में पुलिस ने सबसे पहले माहिम में जाल बिछाकर रियाजुद्दीन मोहम्मद बशीर (29) को पकड़ा. उसकी निशानदेही पर बांद्रा और जोगेश्वरी (पश्चिम) से मोहम्मद फैय्याज उर्फ सद्दाम (27), मोहम्मद आश्रफूल अंसारी (36) और मोहम्मद अरबाज अंसारी (27) को गिरफ्तार किया गया. इसके पहले विलेपार्ले पुलिस 5 और बोरिवली पुलिस 4 आरोपियों को पकड़ चुकी है.
सोशल मीडिया पर ज्वेलर्स के विज्ञापन देखकर उनका बैकग्राउंड खंगाला जाता और फिर स्क्रिप्टेड धमकी भरे कॉल-मैसेज भेजे जाते थे. साइबर अपराध के प्रति जागरूकता बढ़ने के बाद गिरोह ने गैंगस्टर के नाम पर डर पैदा कर वसूली का नया तरीका अपनाया. पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी किराए के मकानों में रहकर वीपीएन और इंटरनेशनल नंबर का इस्तेमाल करते थे. ताकि लोकेशन ट्रेस न हो सके.
बोरिवली के ज्वेलर राजेश पटेल ने बताया कि करीब डेढ़ महीने से धमकी भरे कॉल और मैसेज मिल थे. डर के कारण उन्होंने एक लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए थे. दोबारा मांग आने पर उन्होंने पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद कार्रवाई तेज की गई. जांच में सामने आया है कि पकड़े गए कई आरोपी झारखंड के कुख्यात साइबर फ्रॉड नेटवर्क जामताड़ा से जुड़े हैं और धनबाद जिले के वासेपुर के निवासी हैं. सूत्रों के मुताबिक, गिरोह का सरगना जामताड़ा इलाके से ही नेटवर्क ऑपरेट कर रहा है. उसकी तलाश में मुंबई पुलिस की एक टीम झारखंड में डेरा डाले हुए है.
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