श्याम सुंदर, गया। जिले के आमस थाना क्षेत्र से पुलिस ने मादक पदार्थों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई तुरंत कार्रवाई में पुलिस ने एक लग्जरी थार वाहन से 41 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की है। इस मामले में झारखंड के रांची निवासी दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से मोबाइल फोन और एक काले रंग की थार गाड़ी भी जब्त की गई है। शेरघाटी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (DSP) संदीप कुमार के नेतृत्व में यह पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है।
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई और टोल प्लाजा पर घेराबंदी
शेरघाटी के डीएसपी संदीप कुमार ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर इस पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने मीडिया को जानकारी दी कि पुलिस को अपनी खुफिया तंत्र के माध्यम से एक पुख्ता सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, भोजपुर की ओर से एक काले रंग की थार गाड़ी में अवैध रूप से भारी मात्रा में ब्राउन शुगर लाई जा रही है।
इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए डीएसपी ने तत्काल आमस थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार को एक विशेष पुलिस टीम गठित करने का निर्देश दिया। निर्देश मिलते ही आमस थाना की पुलिस टीम ने क्षेत्र के अत्यंत व्यस्त साव कला टोल प्लाजा के पास सघन वाहन जांच अभियान शुरू कर दिया। कुछ ही समय बाद संदिग्ध अवस्था में आ रही उस काली थार गाड़ी को पुलिस ने घेर कर रोक लिया।
वाहन की तलाशी और दो तस्करों की गिरफ्तारी
पुलिस टीम द्वारा जब रोकी गई थार गाड़ी की बारीकी से तलाशी ली गई, तो उसमें से 41 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई, जिसे बहुत ही शातिर तरीके से छिपाया गया था। इसके साथ ही पुलिस ने तस्करों के पास से दो आधुनिक मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिए, जिनका इस्तेमाल वे अवैध कारोबार की डीलिंग के लिए करते थे।
वाहन में सवार दोनों व्यक्तियों को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ के दौरान उनकी पहचान झारखंड राज्य के रांची जिले के कांके रोड निवासी रंजन कुमार (पिता- जितेंद्र यादव) और सूचित कुमार (पिता- विजय कुमार राय) के रूप में हुई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त सूचित कुमार इस थार वाहन का सह-चालक (को-ड्राइवर) था।
नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस
प्रारंभिक पूछताछ के बाद पुलिस अब इस अवैध मादक पदार्थ के नेटवर्क की गहराई से छानबीन कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह ब्राउन शुगर मूल रूप से कहां से लाई जा रही थी और इसे बिहार के किन-किन इलाकों में खपाया जाना था।
इन तस्करों के अन्य सहयोगियों और स्थानीय लिंक्स के बारे में भी सुराग जुटाए जा रहे हैं। डीएसपी संदीप कुमार ने स्पष्ट किया है कि इस अवैध धंधे में शामिल किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों को भी सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

