श्याम सुंदर, गयाजी। जिले में अपराधियों के हौसले पूरी तरह बुलंद नजर आ रहे हैं। दुर्गा पूजा जैसे पावन पर्व के अवसर पर, यानी नवमी की रात अपराधियों ने पुलिस प्रशासन को खुली चुनौती देते हुए एक वारदात को अंजाम दिया। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सिद्धार्थपुरी कॉलोनी रोड नंबर एक में आपसी विवाद या विरोध के दौरान अपराधियों ने एक दारोगा के दो सगे बेटों को गोली मार दी। इस खूनी संघर्ष में छोटे बेटे की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि बड़ा बेटा गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल व्याप्त है।

​विरोध करने पर अपराधियों ने बरसाईं गोलियां

​पुलिस से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक, सोमवार देर रात किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ था। बात इतनी बढ़ गई कि अपराधियों ने रानू शेखर और मोनू शेखर नामक दोनों भाइयों को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं। अंधाधुंध फायरिंग के दौरान दोनों भाइयों को एक-एक गोली जा लगी। गोली लगने के बाद छोटा बेटा रानू शेखर जमीन पर गिर पड़ा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, बड़ा भाई मोनू शेखर गंभीर रूप से घायल हो गया। इस अचानक हुई वारदात से परिजनों और स्थानीय निवासियों में भारी अफरातफरी मच गई। आनन-फानन में घायल मोनू को इलाज के लिए नजदीकी मगध मेडिकल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज जारी है।

​घटनास्थल से खोखे बरामद, दो संदिग्ध हिरासत में

​वारदात की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाने की पुलिस तुरंत हरकत में आई और भारी दलबल के साथ मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल से छानबीन के दौरान तीन खाली खोखे (कारतूस के छिलके) बरामद किए हैं, जो इस बात की गवाही दे रहे हैं कि अपराधियों ने कितनी बेखौफ होकर अंधाधुंध फायरिंग की थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में दो संदिग्धों को हिरासत में भी ले लिया है। फिलहाल पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि घटना के असली कारणों और इसमें शामिल अन्य अपराधियों की भूमिका का जल्द से जल्द खुलासा किया जा सके।

​मोतिहारी में तैनात हैं दारोगा पिता

​इस पूरी घटना के केंद्र में पीड़ित परिवार की पृष्ठभूमि काफी संवेदनशील है। गोलीबारी के शिकार हुए दोनों भाई रानू और मोनू के पिता सुधांशु शेखर वर्तमान में मोतिहारी जिले में पुलिस विभाग में दारोगा के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनका मूल पैतृक गांव अतरी थाना क्षेत्र का जेठियन गांव है, लेकिन वर्तमान में उनका पूरा परिवार गया के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सिद्धार्थपुरी कॉलोनी रोड नंबर एक स्थित अपने निजी मकान में रह रहा था। एक ही घर के दो जवानों बेटों पर इस तरह के कातिलाना हमले से पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही सभी अपराधियों को कानून के शिकंजे में लाया जाएगा।