गया। बिहार के पावन तीर्थ स्थल गयाजी और पुनपुन में आज से 17 दिवसीय पितृपक्ष मेले का अलौकिक और भव्य शुभारंभ हो रहा है। पूर्वजों की मुक्ति और पिंडदान के लिए दुनियाभर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए इस बार प्रशासन ने पारंपरिक आस्था के साथ-साथ बेहतरीन डिजिटल और आधुनिक व्यवस्थाओं का अनूठा मेल पेश किया है।

​मुख्यमंत्री करेंगे उद्घाटन और गांधी मैदान में सभा

​मेले का विधिवत उद्घाटन बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे। अपने तय कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री सबसे पहले ऐतिहासिक विष्णुपद मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीहरि विष्णु के चरण-चिह्नों के दर्शन व पूजन करेंगे। इसके बाद वे मेले का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन के पश्चात वे गांधी मैदान पहुंचेंगे जहां एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। करीब आधे घंटे के प्रवास के बाद वे वापस पटना के लिए रवाना हो जाएंगे।
​इस ऐतिहासिक समारोह में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, विजेंद्र प्रसाद यादव, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, विधान परिषद सभापति अवधेश नारायण सिंह, जिला प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा, और पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता समेत कई विशिष्ट मंत्री, सांसद और विधायक शिरकत करेंगे।

​सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम और भव्य टेंट सिटी

​लाखों की संख्या में पहुंचने वाले पिंडदानियों की सुरक्षा और सुविधा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। मेला क्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों समेत 6,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की फौज तैनात की गई है।

  • ​आवास और परिवहन: श्रद्धालुओं के रहने के लिए इस बार 2,500 बेड की विशाल टेंट सिटी तैयार की गई है। साथ ही, आवाजाही को आसान बनाने के लिए 150 मुफ्त ई-रिक्शा चलाए जाएंगे।
  • ​मेले की तिथि: यह महामेला 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलेगा, जिसमें देश के कोने-कोने और विदेशों से भी लोग अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए कर्मकांड करने पहुंचेंगे।

पिंडदान गयाजी ऐप लॉन्च

​श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए प्रशासन ने इस बार ‘पिंडदान गयाजी’ मोबाइल ऐप और वेबसाइट की शुरुआत की है। अब एक ही क्लिक पर मेला क्षेत्र से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी आसानी से मिल जाएगी:

  • ​कर्मकांड और वेदी विवरण: अलग-अलग वेदियों की जानकारी और वहां होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा ब्योरा।
  • ​जरूरी सुविधाएं: पंडा-पुरोहितों, आवासन स्थलों, यातायात मार्गों और पार्किंग की लाइव जानकारी।
  • ​सुरक्षा व स्वास्थ्य: हेल्थ सेंटर्स, इमरजेंसी नंबर और अपनों से बिछड़ने पर मदद के लिए ‘खोया-पाया’ सेवा जैसी डिजिटल सुविधाएं भी ऐप में जोड़ी गई हैं।