अजय शास्त्री, बेगूसराय। सांसद गिरिराज सिंह के बयानों ने एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मी तेज कर दी है। बेगूसराय दौरे के दौरान उन्होंने यूजीसी विवाद और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दों पर विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने विपक्ष पर समाज को बांटने और बांग्लादेशियों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप लगाया।

​समाज को बांटने की साजिश पर प्रहार

​यूजीसी से जुड़े विवादों पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि इसे लेकर फैलाया जा रहा भ्रम पूरी तरह बेबुनियाद है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यह न लागू हुआ है और न ही लागू होगा।
​गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक ताकतें स्वर्ण-दलित और ओबीसी-दलित के बीच खाई पैदा करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि यदि कोई यह कहे कि कौवा कान लेकर उड़ गया तो कौवे के पीछे भागने से पहले इंसान को अपना कान देख लेना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भर भारत और उत्कृष्ट भारत के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है, जिसे कोई रोक नहीं सकता।

​SIR और बांग्लादेशी घुसपैठियों के मुद्दे पर घेराव

​विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष पर हमला बोलते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि विपक्षी नेता महीनों तक जिलों में SIR यात्रा के नाम पर घूमते रहे, लेकिन चुनाव आयोग के सामने एक भी आपत्तिजनक नाम पेश नहीं कर सके।
​उन्होंने तेजस्वी यादव और कांग्रेस का नाम लिए बिना कड़े शब्दों में आरोप लगाया कि विपक्ष का मुख्य उद्देश्य बांग्लादेशी मुसलमानों को अपना वोट बैंक तैयार करना है। उन्होंने चेतावनी दी कि एनडीए सरकार के रहते यह गंदा खेल कभी कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही, उन्होंने यह भी जोड़ा कि छूटे हुए वास्तविक मतदाताओं के नाम सूची में जोड़े जाने चाहिए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

​विपक्ष के विरोध पर तीखा पलटवार

​विपक्ष के लगातार विरोध और बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने एक और चर्चित तंज कसा कि कसाई के श्राप देने से गाय नहीं मरती, हम लोग गाय की पूजा करने वाले हैं। उन्होंने अंत में दोहराया कि विपक्षी दलों के लाख विरोध के बावजूद गरीबों के कल्याण, सामाजिक न्याय और राष्ट्र निर्माण का यह सफर निरंतर जारी रहेगा।