Dharm Desk : दिवाली पर मां लक्ष्मी के स्वागत के लिए घरों में साफ-सफाई, सजावट और पूजा की तैयारियां की जाती है। इस दिन घर के मुख्य द्वार को विशेष रूप से सजाया जाता है। कहीं रंगोली बनाई जाती है तो कहीं स्वास्तिक और शुभ-लाभ के चिह्न लगाए जाते हैं। कई घरों में मुख्य द्वार से लेकर पूजा स्थल तक मां लक्ष्मी के चरण चिह्न भी बनाए जाते है लेकिन क्या आप जानते हैं कि लक्ष्मी जी के चरण किस दिशा में बनाने चाहिए? स्वास्तिक कहां बनाना शुभ होता है और घर के किस स्थान पर दीपक जलाना चाहिए?
मुख्य द्वार पर बनाएं मां लक्ष्मी के चरण चिह्न
दिवाली पर मां लक्ष्मी के स्वागत को मुख्य द्वार पर उनके चरण चिह्न बनाए जाते हैं। इन्हें घर के बाहर से अंदर की ओर बनाना शुभ होता है। इसके पीछे भाव यह है कि मां लक्ष्मी घर में प्रवेश कर रही हैं। चरण चिह्न बनाने के लिए लाल रंग, कुमकुम या रंगोली का इस्तेमाल करे। इन्हें मुख्य द्वार से पूजा स्थल की ओर बनाया जाता है।
किस दिशा में बनाएं स्वास्तिक
स्वास्तिक को मंगल और शुभता का प्रतीक कहते हैं। दिवाली पर मुख्य दरवाजे के दोनों ओर या दरवाजे के ऊपर स्वास्तिक बनाया जा सकता है। इसे कुम-कुम, हल्दी या रोली से बनाना शुभ कहता है। इसके साथ घर के मुख्य द्वार और पूजा स्थल पर शुभ-लाभ लिखा जाता है। कोशिश करें कि चिह्न साफ-सुथरे और व्यवस्थित हों।
मां लक्ष्मी की मूर्ति घर के मंदिर में किस दिशा में रखें
दिवाली की पूजा से पहले घर के मंदिर की व्यवस्था भी कर लेनी चाहिए। वास्तु के अनुसार, पूजा स्थल के लिए उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण को अच्छा माना जाता है। मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्तियां इस तरह रखें कि पूजा करते समय व्यक्ति का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रहे। मूर्तियों को साफ चौकी पर लाल या पीले कपड़े बिछाकर स्थापित कर सकते है।

ये पांच चीजें मुख्य द्वार पर रखें
मां लक्ष्मी के स्वागत के लिए मुख्य द्वार पर पांच चीजें रखी जा सकती है। इनमें आम या अशोक के पत्तों का तोरण, फूलों की माला, रंगोली, दीपक और स्वास्तिक शामिल हैं। इनका संबंध शुभता, मंगल और उत्सव से जोड़ा जाता है । मुख्य द्वार को साफ रखें और वहां कचरा या अनावश्यक सामान जमा न होने दें।
घर की चौखट और इन जगहों पर जरूर जलाएं दीपक
दिवाली पर चौखट पर रंगोली बनाने की परंपरा है। इसे रंगों और फूलों से सजाया जाता है । रंगोली के बीच दीपक रखने से घर की सजावट भी आकर्षक लगती है। धार्मिक परंपरा के अनुसार मुख्य द्वार, तुलसी के पास, घर के मंदिर, रसोई और घर के आंगन में दीपक जलाना चाहिए। इसके अलावा घर के प्रवेश द्वार के दोनों ओर दीपक रखे। इस तरह साफ-सुथरा घर, रंगोली, शुभ चिह्न और दीपों की रोशनी के साथ मां लक्ष्मी के स्वागत की तैयारियां पूरी करें।

