Gold Price Prediction: आजकल बाजार में सोने की कीमतों को लेकर काफी चर्चा है. पहले जहां सोने के ₹2 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंचने की बातें हो रही थीं, वहीं अब एक चौंकाने वाली भविष्यवाणी सामने आई है. कहा जा रहा है कि सोने की कीमत आगे चलकर ₹9 लाख प्रति तोला तक पहुंच सकती है.

मशहूर किताब रिच डैड पुअर डैड के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी का कहना है कि आने वाले समय में सोना ₹9 लाख प्रति तोला तक जा सकता है. यह आंकड़ा भले ही हैरान करने वाला लगे, लेकिन इसके पीछे कई बड़े कारण बताए जा रहे हैं.

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Gold Price Prediction
Gold Price Prediction

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है. सोमवार को सोने का भाव 5,000 डॉलर प्रति औंस के पार चला गया. एक समय यह 5,092.70 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया था.

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, वैश्विक तनाव, युद्ध जैसे हालात और आर्थिक अनिश्चितता के कारण सोने की मांग तेजी से बढ़ी है. इस साल अब तक सोने की कीमत में करीब 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जबकि 2025 में इसमें लगभग 64 प्रतिशत की तेज उछाल देखी गई थी.

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विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे, तो साल के अंत तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 6,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है. लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन के एक सर्वे के अनुसार, 2026 में सोने की कीमत 7,150 डॉलर प्रति औंस तक जाने की संभावना है. ऐसा होने पर भारत में सोने का भाव 2.3 लाख से 2.5 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास हो सकता है.

सोने की कीमतों को सपोर्ट करने वाला एक बड़ा कारण दुनिया भर के सेंट्रल बैंकों की खरीदारी है. कई विकासशील देश अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए अपने सोने के भंडार बढ़ा रहे हैं.

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रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेंट्रल बैंक हर महीने औसतन 60 टन सोना खरीद रहे हैं. पोलैंड जैसे देशों ने अपने गोल्ड रिजर्व में तेजी से इजाफा किया है. वहीं, चीनी सेंट्रल बैंक पिछले 14 महीनों से लगातार सोना खरीद रहा है.

सरकारों के साथ-साथ आम निवेशक भी तेजी से सोने की ओर रुख कर रहे हैं. गोल्ड ETF में भारी निवेश देखा जा रहा है. साल 2025 में अकेले गोल्ड ETF में करीब 89 बिलियन डॉलर का निवेश हुआ था. ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद के बीच निवेशक बॉन्ड के मुकाबले सोने को ज्यादा सुरक्षित मान रहे हैं.

27 जनवरी की सुबह, घरेलू वायदा बाज़ार में सोने की कीमतें नए रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गईं. लगातार भू-राजनीतिक जोखिमों के कारण निवेशक सेफ-हेवन एसेट्स की ओर भाग रहे हैं. कमजोर डॉलर और अमेरिकी फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों ने भी सोने की रैली को बढ़ावा दिया है.

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फिलहाल, सुबह करीब 10:35 बजे, MCX गोल्ड फरवरी वायदा लगभग ₹158,072 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था, जो ₹2,035 या 1.30% ऊपर था, जबकि MCX सिल्वर मार्च वायदा ₹351,886.00 प्रति किलोग्राम के उच्च स्तर पर ट्रेड कर रहा था, जो ₹17,430 या 5.14% ऊपर था.

चांदी की कीमत अपडेट

चांदी की कीमतों में भी उछाल आया है. दिल्ली में 1 किलोग्राम चांदी की कीमत ₹360,100 है. चेन्नई में एक किलोग्राम चांदी की दर ₹375,100 है. विश्लेषकों का मानना ​​है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है. जबकि घरेलू बाजार में चांदी ₹360,100 प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही है, चांदी की अंतरराष्ट्रीय कीमत लगभग $113.46 प्रति औंस है.

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हालांकि, बढ़ती कीमतों का असर ज्वेलरी बाजार पर भी पड़ा है. मिडिल क्लास के लिए गहने खरीदना अब मुश्किल होता जा रहा है. इसके बावजूद भारत जैसे देशों में छोटे सोने के सिक्कों और बार की मांग बढ़ी है. निवेशक इसे सुरक्षित निवेश मानते हैं, क्योंकि इसमें किसी कंपनी के मुनाफे या बैलेंस शीट से जुड़ा जोखिम नहीं होता.

इस बीच रॉबर्ट कियोसाकी का बयान काफी चर्चा में है. उनका दावा है कि भविष्य में सोने की कीमत 27,000 डॉलर प्रति औंस तक जा सकती है. अगर ऐसा हुआ, तो भारत में सोने की कीमत करीब 9 लाख रुपये प्रति तोला तक पहुंच सकती है.

हालांकि, उन्होंने इसके लिए कोई तय समयसीमा नहीं बताई है. उनका मानना है कि मौजूदा आर्थिक हालात और बढ़ता कर्ज सोने की कीमतों को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है.

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