अनुज पांडेय, गोपालगंज। शराब से जुड़े एक मामले में जेल भेजे गए 23 वर्षीय युवक नीरज कुमार यादव की इलाज के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक कटेया थाना क्षेत्र के कल्याणपुर गांव निवासी हरेंद्र यादव का मंझला पुत्र था। इस घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है, वहीं परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर पुलिस अधीक्षक (एसपी) को आवेदन सौंपा है।
25 सितंबर को भेजा गया था जेल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्पाद थाना में नामजद आरोपी नीरज कुमार यादव को 25 सितंबर को मंडल कारा, चनावे भेजा गया था। परिजनों के मुताबिक, जेल जाने के अगले ही दिन शनिवार की शाम अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। हालत चिंताजनक होने पर जेल प्रशासन द्वारा उसे तत्काल इलाज के लिए सदर अस्पताल, गोपालगंज लाया गया, जहां कैदी वार्ड में उसका उपचार चल रहा था।
इलाज के दौरान तोड़ा दम
सोमवार की सुबह अचानक नीरज की तबीयत और अधिक बिगड़ गई। अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उसका उपचार शुरू किया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी और उसने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों के अनुसार, मौत के वास्तविक कारणों का सटीक पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
फोन पर मिली मौत की खबर
घटना की जानकारी मिलने के बाद मृतक के घर में मातम छा गया है। मृतक के दादा कारी यादव ने बताया कि 28 सितंबर की सुबह लगभग नौ बजे एक अनजान मोबाइल नंबर से उन्हें नीरज की मौत की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही परिजन सदर अस्पताल और मंडल कारा पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि उन्हें घटनाक्रम की स्पष्ट और सही जानकारी नहीं दी जा रही है।
एसपी से जांच कराने की गुहार
मृतक के दादा ने पुलिस अधीक्षक को लिखित आवेदन देकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। आवेदन में परिजनों ने मौत से जुड़े सभी तथ्यों को सार्वजनिक करने और परिस्थितियों को स्पष्ट करने का आग्रह किया है। फिलहाल पुलिस और संबंधित प्रशासनिक अधिकारी मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटे हुए हैं।


