गोरखपुर के बांसगांव क्षेत्र के निवासी कमलेश पांडेय की सऊदी अरब के किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हूती हमले में मौत हो गई. जिला प्रशासन भारतीय दूतावास के संपर्क में है और परिजन उनके पार्थिव शरीर के भारत आने का इंतजार कर रहे हैं.
गोरखपुर. जिले के बांसगांव थाना क्षेत्र के किशनपुर उर्फ बगही गांव निवासी कमलेश पांडेय की सऊदी अरब में हूती हमले में मौत हो गई. वह दम्माम स्थित किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बस सेवा में ड्राइवर के तौर पर काम करते थे. शुक्रवार को हवाई अड्डे के अधिकारियों ने उनके भाई को फोन कर निधन की सूचना दी, जिसके बाद परिवार में शोक छा गया.
2022 में गए थे सऊदी अरब
जिलाधिकारी दीपक मीणा के अनुसार, कमलेश पांडेय हरिशचंद्र पांडेय के पुत्र थे और वर्ष 2022 में रोजगार के लिए सऊदी अरब गए थे. उनके भाई ने बताया कि कमलेश से आखिरी बार 21 अक्टूबर की रात करीब 10 बजे व्हाट्सएप पर बातचीत हुई थी. इससे पहले भी उन्होंने परिवार के सदस्यों से वीडियो कॉल पर बात की थी.
कमलेश चार भाइयों में दूसरे नंबर पर थे. उनके पिता खेती करते हैं, जबकि एक भाई अंडमान-निकोबार में नौकरी करता है और दो अन्य भाई खेती-किसानी में पिता का सहयोग करते हैं. कमलेश की मौत से उनकी पत्नी, दो बेटियों और माता-पिता पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.
दूतावास ने भी की थी पुष्टि
इस घटना से पहले गुरुवार को भारतीय दूतावास ने दम्माम के किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हूती हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत और दो लोगों के घायल होने की पुष्टि की थी. कमलेश की मौत के बाद खबर में हूती हमलों में जान गंवाने वाले भारतीयों की संख्या दो बताई गई है.
शव भारत लाने की कोशिश
परिजन कमलेश के पार्थिव शरीर को भारत लाए जाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं. उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही उनका शव गांव पहुंच जाएगा.
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि कमलेश का शव भारत लाने के लिए भारतीय दूतावास से लगातार संपर्क किया जा रहा है. प्रशासन ने पार्थिव शरीर को वापस लाने की प्रक्रिया के लिए संपर्क बनाए रखा है.

