रांची: झारखंड में 15 वर्ष की सेवा अवधि पूरी कर चुके सरकारी वाहनों को अब नियमानुसार स्क्रैप किया जाएगा। इसके लिए परिवहन विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। बुधवार को प्रोजेक्ट भवन स्थित सभागार में परिवहन विभाग के सचिव की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय नोडल पदाधिकारियों की बैठक हुई। इसमें विभिन्न विभागों के नोडल पदाधिकारियों के साथ MSTC, गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) और रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी (RVSF) के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में पुराने सरकारी वाहनों की पहचान से लेकर नीलामी, स्क्रैपिंग और अंतिम निस्तारण तक की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई।

दुर्घटनाग्रस्त और मरम्मत के अयोग्य वाहनों की भी होगी पहचान

बैठक में परिवहन विभाग के सचिव ने स्पष्ट किया कि सरकारी वाहनों की स्क्रैपिंग केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की जाएगी। इसके लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। सबसे पहले यह तय किया जाएगा कि किन वाहनों को स्क्रैपिंग की श्रेणी में रखा जाना है।

विशेष रूप से पुलिस थानों में लंबे समय से पड़े दुर्घटनाग्रस्त वाहनों की पहचान की जाएगी। इसके अलावा सरकारी विभागों में खड़े ऐसे वाहनों को भी चिह्नित किया जाएगा, जिनकी मरम्मत संभव नहीं है या जिनका इस्तेमाल व्यावहारिक रूप से नहीं किया जा सकता।

MSTC और GeM पोर्टल के जरिए होगी नीलामी

बैठक में MSTC और RVSF के प्रतिनिधियों ने सरकारी वाहनों की स्क्रैपिंग की पूरी प्रक्रिया का चरणबद्ध प्रस्तुतीकरण किया। अधिकारियों को बताया गया कि MSTC और GeM पोर्टल पर पंजीकरण कैसे किया जाएगा। इसके बाद वाहनों का विवरण पोर्टल पर अपलोड करने, नीलामी कराने और पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा के माध्यम से वाहनों को स्क्रैप करने की प्रक्रिया समझाई गई।

साथ ही स्क्रैपिंग के लिए जरूरी दस्तावेज, संबंधित विभागों की जिम्मेदारियों और निर्धारित प्रक्रियाओं की जानकारी भी दी गई। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आगे की कार्रवाई के दौरान किसी तरह की तकनीकी या प्रशासनिक परेशानी न हो।

सरकारी खजाने को मिलेगा राजस्व, पर्यावरण को भी होगा लाभ

परिवहन विभाग के सचिव ने कहा कि सरकारी वाहनों की स्क्रैपिंग केवल पुराने वाहनों को हटाने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसका संबंध संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल, पर्यावरण संरक्षण, पारदर्शिता और सरकारी राजस्व में वृद्धि से भी है।

निर्धारित प्रक्रिया के तहत स्क्रैपिंग से जुड़े वित्तीय और राजस्व संबंधी प्रावधानों का लाभ संबंधित विभागों को मिलेगा। वहीं, स्क्रैपिंग के बाद परिवहन विभाग के माध्यम से देय कर की राशि भी सरकारी राजकोष में जमा होगी।

सभी विभागों को समयबद्ध कार्रवाई का निर्देश

सचिव ने सभी विभागीय नोडल पदाधिकारियों को अपने-अपने विभागों में पात्र वाहनों की पहचान कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर तकनीकी समस्या या संदेह होने पर परिवहन विभाग से परामर्श लिया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि बैठक का उद्देश्य सभी विभागों को स्क्रैपिंग व्यवस्था की प्रारंभिक और व्यावहारिक जानकारी देना था। आगे संबंधित विभागों और संस्थाओं के साथ बैठकें कर प्रक्रिया को गति दी जाएगी। लक्ष्य है कि राज्य के सभी पात्र सरकारी वाहनों का समयबद्ध और नियमानुसार निस्तारण किया जाए। इससे सड़क सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सरकारी संसाधनों के बेहतर प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा।