गौरव जैन, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले में अवैध खनन, सरकारी जमीन पर कब्जे और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन ने अलग-अलग मोर्चों पर कार्रवाई की है। खनिज विभाग ने अवैध रेत और मुरुम उत्खनन व परिवहन के मामलों में 6 ट्रैक्टर जब्त किए हैं। वहीं, गौरेला-पेंड्रा मुख्य मार्ग पर जिला अस्पताल के पीछे स्थित ऑक्सीजन जोन की सरकारी जमीन पर हो रहे अवैध निर्माण को जेसीबी से हटाया गया। दूसरी ओर, दीपावली के मद्देनजर खाद्य विभाग ने मिठाई दुकानों और खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच करते हुए 26 नमूने प्रयोगशाला भेजे हैं। अस्वच्छता मिलने पर मरवाही के भुवन होटल का खाद्य पंजीयन भी निरस्त कर दिया गया है।

सीएम हेल्पलाइन की शिकायत पर 6 ट्रैक्टर जब्त
जिले में रेत और मुरुम के अवैध उत्खनन तथा परिवहन के खिलाफ खनिज विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। सीएम हेल्पलाइन पर मिल रही शिकायतों के आधार पर जिला खनिज उड़नदस्ता दल ने अलग-अलग क्षेत्रों में जांच अभियान चलाया। कलेक्टर विजय दयाराम के. के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई में कुल 6 ट्रैक्टर जब्त किए गए हैं।

कार्रवाई के दौरान रूमगा क्षेत्र में रेत का अवैध परिवहन करते दो ट्रैक्टर पकड़े गए। दोनों वाहनों को जब्त कर कोटमी चौकी के सुपुर्द किया गया। सिल्पहरी में रेत से लदे एक ट्रैक्टर को पकड़कर अमरपुर पुलिस लाइन में खड़ा कराया गया। वहीं, नेवसा में मुरुम का अवैध परिवहन करते एक ट्रैक्टर को जब्त कर गौरेला थाने में रखा गया है।

इसी तरह खन्ता क्षेत्र में रेत के अवैध उत्खनन में लगे दो अन्य ट्रैक्टरों को भी जब्त किया गया। इस तरह जिले के चार अलग-अलग क्षेत्रों में कार्रवाई कर खनिज विभाग ने कुल छह वाहनों पर कार्रवाई की है।
खनिज विभाग के मुताबिक, वाहन मालिकों के खिलाफ खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत मामले दर्ज किए जा रहे हैं। निर्धारित जुर्माना या समझौता राशि जमा होने के बाद ही वाहनों को छोड़ने की प्रक्रिया पूरी होगी। विभाग ने साफ किया है कि अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा।
ऑक्सीजन जोन की सरकारी जमीन पर बन रहा था कॉम्प्लेक्स, JCB से हटाया निर्माण

जिले में दूसरी बड़ी कार्रवाई गौरेला-पेंड्रा मुख्य मार्ग पर जिला अस्पताल के पीछे हुई। नवनिर्मित कलेक्टर कार्यालय और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने स्थित सरकारी जमीन पर बिना अनुमति व्यावसायिक परिसर बनाने का काम चल रहा था। स्थानीय स्तर पर इस जमीन को ऑक्सीजन जोन के नाम से जाना जाता है।
प्रशासन के मुताबिक, ग्राम पंचायत सेमरा क्षेत्र की इस जमीन पर कुछ अज्ञात लोगों ने देर रात मजदूर लगाकर निर्माण शुरू कराया था। करीब 1000 वर्ग फीट से अधिक हिस्से में व्यावसायिक परिसर बनाने के उद्देश्य से नींव तक का काम कर लिया गया था। इसकी जानकारी मिलने के बाद राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची।

SDM विक्रांत अंचल, तहसीलदार प्रीति शर्मा, गौरेला थाना प्रभारी और पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी से अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन ने निर्माण को नींव के स्तर से ही हटवा दिया।

SDM विक्रांत अंचल के मुताबिक, संबंधित जमीन पहले से ऑक्सीजन जोन के रूप में चिन्हांकित है। वहां बिना राजस्व विभाग से जमीन का सीमांकन कराए और अनुमति लिए व्यावसायिक निर्माण शुरू कर दिया गया था। मौके पर ग्राम पंचायत के सरपंच की मौजूदगी में सहमति के बाद निर्माण हटाने की कार्रवाई की गई।
यह जमीन फलदार और घने पेड़ों से घिरी हुई है। पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के लिहाज से इसकी अहमियत को देखते हुए इसे ऑक्सीजन जोन के रूप में चिन्हित किया गया है। प्रशासन ने पंचायतों और स्थानीय संस्थाओं को भी स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह का निर्माण शुरू करने से पहले जमीन का नियमानुसार सीमांकन और राजस्व विभाग से स्वीकृति लेना जरूरी है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि सरकारी जमीन पर दोबारा कब्जे की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दीपावली से पहले मिठाई दुकानों की जांच, 26 नमूने रायपुर भेजे
त्योहारी सीजन में मिलावट और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जिले में जांच अभियान शुरू किया है। टीम ने अलग-अलग खाद्य प्रतिष्ठानों से मिठाइयों और अन्य खाद्य सामग्री के कुल 26 नमूने लेकर जांच के लिए रायपुर स्थित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे हैं।

जांच के दौरान पेंड्रा के स्वीट इंडियन रेस्टोरेंट से बर्फी और सेव के नमूने लिए गए। गौरेला के ओम साई डेयरी से पनीर और खोवा, जबकि कान्हा स्वीट्स से मिल्क केक और खोवा के सैंपल लिए गए।

मरवाही के भुवन होटल से बूंदी और बर्फी के नमूने जुटाए गए। इसके अलावा जिले के दूसरे प्रतिष्ठानों से पेड़ा, बेसन के लड्डू, गजक और रजवाड़ी चिक्की सहित अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने भी जांच के लिए भेजे गए हैं।
अस्वच्छता मिलने पर भुवन होटल का पंजीयन निरस्त

खाद्य विभाग की जांच के दौरान मरवाही स्थित भुवन होटल में साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब मिली। परिसर में अस्वच्छता पाए जाने पर विभाग ने होटल का खाद्य पंजीयन निरस्त कर दिया। सुधार होने तक होटल का संचालन भी बंद करा दिया गया है।
जांच टीम ने अस्वच्छ परिस्थितियों में रखी जलेबी को मौके पर ही नष्ट कराया। इसके अलावा जिले के दो अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों को भी साफ-सफाई और जरूरी सुधार करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। खाद्य विभाग का यह अभियान दीपावली तक लगातार जारी रहेगा। प्रयोगशाला से नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर आगे की कार्रवाई तय होगी।
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