ग्रेटर नोएडा के नगला श्री पदम गांव में दंपती और उनके तीन बच्चों की मौत के मामले में पुलिस ने मृतक महेश की दो बहनों और जीजा को गिरफ्तार किया है. पुलिस आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप, मोबाइल में मिले वॉयस नोट और संपत्ति विवाद के पहलू की जांच कर रही है.

ग्रेटर नोएडा. रबूपुरा क्षेत्र के नगला श्री पदम गांव में एक दंपती और उनके तीन बच्चों की मौत के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में मृतक महेश की दो बहनें सुनीता और सपना तथा बहनोई शेखर उर्फ चंद्रशेखर शामिल हैं. मृतका के भाई आकाश की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है.

तीन परिजनों की गिरफ्तारी

रबूपुरा थाना प्रभारी सुजीत उपाध्याय ने रविवार को बताया कि रिश्तेदार की शिकायत के आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.

परिजनों ने आरोप लगाया है कि महेश की दोनों बहनें और बहनोई उसे लगातार अपमानित और प्रताड़ित करते थे. पुलिस इस शिकायत के साथ-साथ परिवार के बीच संपत्ति विवाद की आशंका की भी जांच कर रही है. हालांकि, विवाद की भूमिका को लेकर अभी अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है.

मोबाइल में मिला वॉयस नोट

पुलिस के अनुसार, 37 वर्षीय महेश ने अपनी मौत से पहले मोबाइल फोन पर एक वॉयस नोट रिकॉर्ड किया था. इसमें कथित तौर पर उसने अपनी बड़ी बहन सुनीता, बहनोई शेखर और छोटी बहन सपना को परिवार की मौतों के लिए जिम्मेदार ठहराया था.

जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देखी. पुलिस के मुताबिक, फुटेज में किसी बाहरी व्यक्ति के आने की पुष्टि नहीं हुई है. वॉयस नोट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है.

पोस्टमार्टम में जहर के संकेत

शनिवार सुबह रबूपुरा के पास नगला श्री पदम गांव स्थित घर से महेश, उनकी 35 वर्षीय पत्नी ललिता और तीन बच्चों के शव बरामद किए गए थे. मृत बच्चों में सात वर्षीय बेटी मिष्टी, 11 वर्षीय बेटा लड्डू और तीन वर्षीय बेटा साक्षात शामिल हैं.

थाना प्रभारी सुजीत उपाध्याय के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर दिए जाने के संकेत मिले हैं. पांचों शवों का डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम किया. मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विसरा के नमूने सुरक्षित कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं.

नूडल्स खाने की बात भी जांच में

शुरुआती दौर में परिवार की मौत का संबंध खाद्य विषाक्तता से जोड़ा जा रहा था. इसकी वजह यह जानकारी थी कि परिवार के सदस्यों ने मौत से पहले नूडल्स खाए थे. हालांकि, पोस्टमार्टम में जहर के संकेत मिलने के बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है.

फिलहाल पुलिस वॉयस नोट, कथित संपत्ति विवाद और फोरेंसिक रिपोर्ट सहित सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है. अधिकारियों के मुताबिक, मौतों के सटीक कारणों की पुष्टि फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी.