वीरेंद्र कुमार/नालंदा। जिले के पावापुरी थाना क्षेत्र के चोरसुआ पंचायत स्थित लंगड़ी पुल के पास जमीन को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर उभर आया है। वर्ष 2014 से न्यायालय में लंबित यह मामला लगातार नया मोड़ ले रहा है, वहीं दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। विवादित भूमि पर कब्जे और निर्माण कार्य को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है।

पीड़िता ने गोतिया पर जबरन कब्जे का आरोप लगाया

पीड़िता आशा कुमारी का कहना है कि उनके कोई सगे भाई नहीं हैं, इसके बावजूद गोतिया और कुछ अज्ञात लोगों द्वारा दबंगई के बल पर जमीन कब्जाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि जमीन उनके दादा शिबू कहार (चंद्रवंशी) के नाम पर दर्ज है और मामला अदालत में विचाराधीन रहते हुए भी कब्जे व निर्माण का प्रयास किया जा रहा है, जिससे उन्हें मानसिक और सामाजिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।

भतीजे ने लगाए उल्टे आरोप

दूसरी ओर, भतीजे चंदन कुमार ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि प्लॉट संख्या 4577 वाली भूमि वर्ष 2014 से कोर्ट में लंबित है। इसके बावजूद आशा कुमारी बार-बार निर्माण और बिक्री का प्रयास करती हैं। उन्होंने दावा किया कि पूर्व में समझौते के नाम पर 6 लाख तक लिए जा चुके हैं, जिससे परिवार तनाव में है।

जांच की मांग

लगातार विवाद के बीच दोनों पक्षों ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। वास्तविक स्वामित्व का निर्णय न्यायालय और प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।