कर्ण मिश्रा, गुना । मध्यप्रदेश के गुना जिले की राजनीति में पूर्व आईपीएस अधिकारी रघुवीर सिंह मीना पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में एफआईआर दर्ज होते ही बड़ा राजनीतिक तूफान आ खड़ा हुआ है। पति पर केस दर्ज होने के बाद उनकी पत्नी और चांचौड़ा की पूर्व भाजपा विधायक ममता मीना ने अपनी ही पार्टी के दिग्गज नेता और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। सोशल मीडिया पर एक तीखा वीडियो जारी करते हुए ममता मीना ने इस कार्रवाई को राजनीतिक द्वेष और दबाव का नतीजा बताया है।

 अंग्रेजों के गुलाम मित्रों के खिलाफ जारी रहेगी लड़ाई 

वायरल वीडियो में ममता मीना ने बिना नाम लिए सिंधिया पर सीधा हमला बोलते हुए कहा, “जिस तरह रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों के खिलाफ अपने स्वाभिमान की लड़ाई लड़ी थी, उसी तरह हम भी अंग्रेजों के गुलाम मित्रों के खिलाफ अपनी लड़ाई लड़ते रहेंगे।” उन्होंने खुलेआम चुनौती देते हुए कहा कि उन पर और उनके पति पर दो-चार और एफआईआर करवा दी जाएं, वे डरने वाली नहीं हैं और कोर्ट-कचहरी में कानून की लड़ाई लड़ेंगी।

 जनता पर रौब झाड़ना और चुनाव में हाथ जोड़ना अब नहीं चलेगा  

पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि सिंधिया अपने तीन दिवसीय गुना दौरे के दौरान अधिकारियों, कलेक्टर और एसपी को डराने-धमकाने का काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एक छोटी सी सड़क के काम के लिए जनता और जनप्रतिनिधियों से हाथ जुड़वाना और रौब झाड़ना अब जनता बर्दाश्त नहीं करेगी। चुनाव आते ही गरीबों के घर खाना खाना और हैंडपंप चलाना केवल एक ‘नाटक-नौटंकी’ है। यदि वे खुद को शक्तिशाली समझते हैं तो क्षेत्र के किसानों को खाद क्यों नहीं दिलवाते?

केपी यादव का जिक्र कर दी 2029 की चेतावनी 

ममता मीना ने पूर्व सांसद केपी यादव की ऐतिहासिक जीत का जिक्र करते हुए कहा कि एक साधारण कार्यकर्ता ने सिंधिया को चुनाव में पटखनी देकर उनकी राजनीतिक जमीन दिखा दी थी। उन्होंने आगे कहा, “2029 का लोकसभा चुनाव ज्यादा दूर नहीं है, जनता सब देख रही है और वक्त आने पर आईना दिखा देगी। हम कोई वॉशिंग मशीन नहीं हैं।” उन्होंने घोषणा की कि वे अब ग्वालियर, पोहरी और शिवपुरी सहित पूरे अंचल में जाकर जनता के सामने असलियत उजागर करेंगी।

जानिए क्या है पूर्व IPS रघुवीर सिंह मीना से जुड़ा पूरा मामला

पुलिस मुख्यालय भोपाल की सतर्कता शाखा के निर्देश पर पूर्व आईपीएस अधिकारी रघुवीर सिंह मीना के खिलाफ कूटरचित दस्तावेजों के जरिए फर्जी एसटी प्रमाण पत्र (Fake ST Certificate) बनवाने का आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है। गुना निवासी हरवीर सिंह रघुवंशी की शिकायत पर उच्च स्तरीय छानबीन समिति द्वारा जांच की गई थी। आरोप है कि पुलिस सेवा में आने से पहले रघुवीर सिंह ने शिक्षक की नौकरी के लिए खुद को ‘पिछड़ा वर्ग’ (OBC) बताया था। बाद में MPPSC परीक्षा में लाभ लेने के लिए विदिशा से बने फर्जी ‘एसटी’ (ST) प्रमाण पत्र का उपयोग कर 1986 में DSP की नौकरी हासिल की। इसी आधार पर वर्ष 2001 में उन्हें IPS कैडर मिला था। पुलिस ने धोखाधड़ी, साजिश, गलत दस्तावेज तैयार करने और एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की विभिन्न संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m