Gurugram Green Crackers Rules : गुरुग्राम। दिवाली पर पटाखे जलाने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए जरूरी खबर है। गुरुग्राम समेत पूरे NCR में इस बार केवल प्रमाणित ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति दी गई है। इसके लिए भी सिर्फ दो दिन और तय समय निर्धारित किया गया है। जिला प्रशासन के आदेश के मुताबिक, 7 और 8 नवंबर को ही लोग ग्रीन पटाखे जला सकेंगे। 9 नवंबर से पटाखों पर दोबारा पूरी तरह प्रतिबंध लागू हो जाएगा।

सुबह और रात में तय समय पर ही जला सकेंगे पटाखे

डीसी उत्तम सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत ग्रीन पटाखे जलाने के लिए समय निर्धारित किया गया है।

  • 7 और 8 नवंबर: पटाखे जलाने की अनुमति।
  • सुबह: 6 बजे से 7 बजे तक।
  • रात: 8 बजे से 10 बजे तक।
  • 9 नवंबर से: पटाखों पर फिर पूर्ण प्रतिबंध।

निर्धारित समय के अलावा पटाखे जलाने की अनुमति नहीं होगी।

सिर्फ NEERI से प्रमाणित ग्रीन पटाखों की बिक्री

प्रशासन ने साफ किया है कि बाजार में सभी तरह के पटाखे बेचने की अनुमति नहीं होगी। केवल नीरी (NEERI) की वेबसाइट पर प्रमाणित ग्रीन पटाखे ही बेचे जा सकेंगे।

इसके लिए व्यापारियों के लाइसेंस 4 से 6 नवंबर 2026 तक अस्थायी रूप से बहाल किए गए हैं। बिक्री भी PESO से लाइसेंस प्राप्त व्यापारियों के माध्यम से ही होगी।

बेरियम और लड़ी वाले पटाखों पर रोक

प्रशासन ने कुछ पटाखों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया है। इनमें बेरियम युक्त पटाखे और नीरी से ग्रीन पटाखों के रूप में मंजूर नहीं किए गए उत्पाद शामिल हैं।

लड़ी वाले पटाखों का निर्माण और बिक्री भी प्रतिबंधित रहेगी। बिना पंजीकरण वाले निर्माताओं के पटाखे मिलने पर उन्हें जब्त किया जाएगा। नियम तोड़ने वाले व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ उनका लाइसेंस या पंजीकरण भी रद्द किया जा सकता है।

अस्पताल और स्कूलों के आसपास 300 मीटर तक प्रतिबंध

पटाखों को लेकर संवेदनशील जगहों पर विशेष पाबंदी रहेगी। अस्पताल, नर्सिंग होम, स्वास्थ्य केंद्र, वृद्धाश्रम और शिक्षण संस्थानों के 300 मीटर के दायरे में पटाखे नहीं जलाए जा सकेंगे।

अधिसूचित साइलेंस जोन में भी पटाखे चलाने पर रोक रहेगी। इसका मकसद बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को धुएं और तेज आवाज से होने वाली परेशानी से बचाना है।

निगरानी के लिए प्रशासन ने बनाई टीमें

डीसी उत्तम सिंह के अनुसार, नियमों का पालन कराने के लिए जिला और खंड स्तर पर निगरानी टीमें बनाई गई हैं। पुलिस और प्रशासन की टीमें बिक्री केंद्रों का निरीक्षण करेंगी।

टीमें पटाखों पर मौजूद QR कोड और निर्माता के पंजीकरण की जांच भी करेंगी। जरूरत पड़ने पर नमूने लेकर PESO को भेजे जाएंगे। वहीं, हरियाणा स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड को वायु गुणवत्ता की नियमित निगरानी करने और रिपोर्ट अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।

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