गुरुग्राम: सेक्टर-78 और 79 के बीच बरसाती पानी की निकासी के लिए बनाया जा रहा नाला सात महीने बाद भी अधूरा है। मार्च 2026 में शुरू हुआ निर्माण अब तक 500 मीटर तक भी पूरा नहीं हो पाया है। इससे 20 से अधिक सोसायटियों में रहने वाले 3,000 से ज्यादा रेजिडेंट्स को परेशानी हो रही है। लोगों का आरोप है कि उन्होंने नाले का काम तेज करने के लिए कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ।
पिछले दो दिनों में हुई बारिश के बाद स्थिति और बिगड़ गई है। निर्माण स्थल के आसपास मिट्टी में कीचड़ और जगह-जगह जलभराव होने से लोगों की आवाजाही मुश्किल हो गई है। सड़क की खराब हालत और रोजाना लगने वाले जाम से भी रेजिडेंट्स परेशान हैं।
खुदाई जारी, लेकिन निर्माण की रफ्तार धीमी
रेजिडेंट्स के मुताबिक, मास्टर रोड के किनारे नाले के निर्माण के लिए लंबे समय से खुदाई चल रही है, लेकिन इसके बाद काम बहुत धीमी गति से हुआ है। साढ़े छह महीने से ज्यादा समय बीतने के बावजूद नाला अधूरा पड़ा है।
मेप्सको निवासी मोहित कृष्ण शर्मा, अजय और राकेश धनखड़ ने इस संबंध में गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMDA) के अधिकारियों से भी शिकायत की है। उनका कहना है कि निर्माण में देरी के कारण आसपास रहने वाले लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है।
खुली छड़ें, मलबा और जलभराव से बढ़ी परेशानी
निर्माण स्थल पर खुले केबल और डक्ट, बाहर निकली लोहे की छड़ें, मिट्टी और मलबा जमा होने के साथ रुका हुआ पानी भी समस्या बना हुआ है। सड़क क्षतिग्रस्त होने से यातायात प्रभावित रहता है और लोगों को जाम का सामना करना पड़ता है।
सुबह और शाम के समय ऑफिस जाने वाले लोगों, स्कूली बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और अन्य रेजिडेंट्स को खास तौर पर परेशानी होती है। लोगों ने सड़क की असुरक्षित स्थिति पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में एंबुलेंस और दमकल गाड़ियों जैसी आपातकालीन सेवाओं के आवागमन में भी बाधा आ सकती है।
ग्रीन बेल्ट के पेड़-पौधे नष्ट होने का आरोप
रेजिडेंट्स का आरोप है कि नाले के निर्माण के दौरान सड़क किनारे की ग्रीन बेल्ट को भी नुकसान पहुंचा है। उनके मुताबिक, इस हरित क्षेत्र को विकसित होने में करीब चार साल लगे थे।
लोगों का कहना है कि पेड़ों को हटाए जाने के बाद बड़ी मात्रा में मिट्टी खुली रह गई है। इससे आसपास के रिहायशी इलाकों में धूल प्रदूषण बढ़ रहा है। उन्होंने पेड़ों को काटे जाने और उनके बदले नए पौधे लगाने यानी क्षतिपूरक वृक्षारोपण की स्थिति पर भी स्पष्टीकरण मांगा है।
रेजिडेंट्स ने साइट का दौरा कर समाधान की मांग की
निर्माण में लगातार हो रही देरी, खराब सड़क और रोजमर्रा की आवाजाही में आ रही दिक्कतों को देखते हुए रेजिडेंट्स ने संबंधित अधिकारियों से मौके का दौरा करने की मांग की है। उनका कहना है कि नाले का निर्माण जल्द पूरा कराने के साथ सड़क और आसपास की समस्याओं का भी समाधान किया जाना चाहिए।
रेजिडेंट्स के मुताबिक, GMDA में शिकायत करने के बाद भी अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। अब उनकी मांग है कि अधिकारी निर्माण स्थल की स्थिति का जायजा लें और लोगों को राहत दिलाने के लिए जरूरी कदम उठाएं।
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