कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। Madhya Pradesh ग्वालियर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनी मल्टी स्टोरी की पानी टंकी में मरी हुई छिपकली निकलने का मामला सामने आया है। रहवासियों का आरोप है कि 6 महीने में टंकियों की सफाई होनी चाहिए, लेकिन यह नहीं होती है। जिसके चलते लोग दूषित पानी का उपयोग करने के लिए मजबूर है।
यह पूरा मामला बहोड़ापुर इलाके में मानपुर फेज वन प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मल्टी स्टोरी का है। जहां सोसायटी की ई-52 मल्टी की पानी की टंकी में मरी हुई छिपकली के साथ अन्य जहरीले कीड़े मिले। रहवासियों को इसका पता तब चला जब वह टंकी से पानी न आने पर उसे देखने पहुंचे थे। जब आसपास की टंकियां को देखा तो उनमें से एक टंकी में मरी हुई छिपकली मिली। जिसे बाहर निकला गया।
ये भी पढ़ें: भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौत या कुछ और ? दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी नहीं खुला मौत का राज, हाईकोर्ट में सरकार के दावों पर उठे सवाल
5000 से ज्यादा लोग रहते है
खास बात यह है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लगभग 1300 1BHK, 2BHK और 3BHK फ्लैट बने हुए हैं। जिनमें लगभग 5000 से ज्यादा लोग रहते हैं। हालांकि नगर निगम की ओर से सफाई और अन्य व्यवस्था किए जाने की समय सीमा खत्म हो चुकी है।
ये भी पढ़ें: इंदौर भागीरथपुरा दूषित पानी कांड: पानी के टैंक में ‘पोटेशियम क्लोराइड’ डालने का दावा, निगम से 10 दिन में मांगा रिकॉर्ड; जांच आयोग को 30 दिन का समय
रहवासियों ने लगाए ये गंभीर आरोप
रहवासी विकास तोमर और आशीष संकवार ने बताया कि इंदौर दूषित जलकांड के बाद हमने नगर निगम में शिकायत की थी। जिसमें कहा था कि सभी पानी टंकियों की सफाई हो। ठेकेदार ने दो साल से सफाई नहीं की है। उसका कहना है कि नगर निगम से उसको पैसा नहीं मिल रहा है। रहवासियों ने यह भी कहा कि प्रशासन बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है। सिस्टम इस ताक में है कि कब इंदौर जैसी घटना ग्वालियर के इस पीएम आवास वाले इलाके में हो।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक

