कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। जापान में चल रहे एशियन गेम्स में भारतीय महिला हॉकी टीम ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए चीन को 1-0 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है। भारत की इस शानदार जीत से पूरे देश में जश्न का माहौल है। वहीं मध्य प्रदेश के ग्वालियर में इस जीत की खुशी बेहद खास है, क्योंकि भारतीय महिला हॉकी टीम की स्टार खिलाड़ी और ग्वालियर की बेटी इशिका चौधरी इस स्वर्णिम टीम का हिस्सा रही हैं। इशिका की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर उनके परिवार में खुशी की लहर है। परिजनों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर और जमकर आतिशबाजी कर इस कामयाबी का जश्न मनाया।
11 साल की उम्र में थामी थी हॉकी स्टिक, घर में जश्न का माहौल
महज 11 साल की उम्र में हाथ में हॉकी स्टिक थामकर मैदान पर पसीना बहाने वाली इशिका चौधरी ने आज अपनी कड़ी मेहनत और लगन से न सिर्फ ग्वालियर, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश और देश का नाम दुनिया में रोशन किया है। एशियन गेम्स में भारत के सिर गोल्ड सजते ही ग्वालियर स्थित इशिका के घर पर जश्न का माहौल बन गया। रिश्तेदारों और पड़ोसियों का तांता लग गया, लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी और आतिशबाजी कर इस ऐतिहासिक कामयाबी का जश्न मनाया।
पहले कहते थे बेटी बड़ी हो तो शादी कर दो, अब मैदान में आगे बढ़ा रहे
इशिका की इस उपलब्धि पर उनकी मां गायत्री चौधरी बेहद भावुक और गौरवान्वित नजर आईं। उन्होंने कहा कि ग्वालियर-चंबल अंचल में कभी बेटियों को लेकर समाज की सोच यह होती थी कि बेटी जैसे ही बड़ी हो, उसकी शादी कर जिम्मेदारी पूरी कर दी जाए। लेकिन अब वक्त बदल चुका है। परिवार अपनी बेटियों को पढ़ा-लिखा रहे हैं और उन्हें खेल के मैदान में आगे बढ़ने के मौके दे रहे हैं। इशिका की यह कामयाबी इसी बदलती सोच की जीती-जागती तस्वीर है, जहां बेटियां अब सिर्फ घर के चौके-बर्तन तक सीमित न रहकर खेल के मैदान में भी तिरंगा लहरा रही हैं।
घर में सब बुलाते थे ‘कछुआ’, मौसी बोलीं- आज उसी कछुए ने रेस जीत ली
इशिका की इस स्वर्णिम सफलता के साथ उनके परिवार की एक मजेदार और प्रेरणादायक कहानी भी जुड़ी हुई है। इशिका की मौसी गिरिजा तिवारी ने मुस्कुराते हुए बताया कि बचपन में धीमी और शांत स्वभाव की होने के कारण घर में सभी प्यार से इशिका को ‘कछुआ’ कहकर बुलाते थे। लेकिन आज उसी ‘कछुए’ ने अपनी दृढ़ता और निरंतरता के बल पर एशियन गेम्स की सबसे बड़ी रेस जीत ली है और भारत माता का मस्तक गर्व से ऊंचा कर दिया है।

एशियन गेम्स का गोल्ड मिला, अब ‘मिशन ओलंपिक’ की बारी!
एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने के बाद इशिका के परिवार की जुबां पर अब केवल एक ही सपना है- ‘मिशन ओलंपिक’। परिवार का कहना है कि एशियन गेम्स में देश का मान बढ़ाने के बाद अब इशिका का अगला लक्ष्य ओलंपिक में भारत के लिए कप जीतना है। पूरा परिवार और खेल प्रेमी उम्मीद जता रहे हैं कि इशिका इसी तरह अपने खेल का जलवा बिखेरती रहेंगी और आने वाले ओलंपिक खेलों में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर देश को गौरवान्वित करेंगी।

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