रायपुर। वित्त मंत्री का विधानसभा में बजट पेश करने से पहले अपने प्रदेश की माटी का तिलक लगाकर पहुँचना, छत्तीसगढ़ महतारी का आशीर्वाद लेकर विधानसभा की ओर प्रस्थान करना केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की धरती के प्रति उनकी श्रद्धा, उत्तरदायित्व और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अपने बजट भाषण की शुरुआत भी इन पंक्तियों से की थी। “ना चंदन से ना कुमकुम से श्रृंगार करा कर आया हूँ… मैं अपने छत्तीसगढ़ की माटी का तिलक लगा कर आया हूँ।” उनकी यह कविता सिर्फ़ एक भावनात्मक अभिव्यक्ति नहीं थी बल्कि छत्तीसगढ़ की साय करकार की उस दृष्टि का परिचायक भी है जिसमें विकास और संस्कृति साथ-साथ चलते हैं।

इस ऐतिहासिक बजट में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शिता का बड़ा योगदान है। उनके नेतृत्व में प्रस्तुत यह तीसरा बजट सिर्फ़ आय-व्यय का लेखा-जोखा नहीं बल्कि “विकसित छत्तीसगढ़ – छत्तीसगढ़ अंजोर 2047” की दिशा में ठोस कदम है।
विष्णुदेव साय का SANKALP: नीति से परिणाम तक
प्रदेश के वित्त मंत्री ने इस वर्ष के बजट को “SANKALP” थीम पर आधारित बताया। पिछले दो वर्षों में GYAN (गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी) और GATI (Good Governance, Accelerating Infrastructure, Technology, Industrial Growth) के माध्यम से छत्तीसगढ़ में विकास की आधारशिला रखी गई थी।
इस बजट में SANKALP का अर्थ इरादा तो है ही साथ ही उसे जमीन पर उतारने की प्रतिबद्धता भी है क्योंकि राज्य की साय सरकार में नीतियों को मूर्त रूप देने की परम्परा है।

छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने लिया 1.72 लाख करोड़ रुपए के विकास बड़ा संकल्प
छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के समय जहाँ बजट मात्र 4,944 करोड़ था वहीं वर्ष 2026-27 में बजट आकार 35 गुना बढ़कर 1,72,000 करोड़ रुपये हो गया है। बजट की राशि में यह बढ़त केवल आँकड़ों का छलांग नहीं बल्कि राज्य के आर्थिक आत्मविश्वास की कहानी है। प्रदेश का सकल घरेलू उत्पाद 7,09,553 करोड़ रुपए अनुमानित है, जबकि वित्तीय घाटा FRBM के 3% मानक के भीतर रखा गया है।
यह इस बात का संकेत है कि राज्य में विकास और वित्तीय अनुशासन साथ-साथ चल रहे हैं। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की यह विशेषता रही है कि वे विकास को संतुलन के साथ आगे गति देते हैं। इस बजट में जहां एक ओर पूंजीगत व्यय 26,500 करोड़ रखकर अधोसंरचना पर बल दिया गया है वहीं दूसरी तरफ़ सामाजिक योजनाओं के लिए पर्याप्त राजस्व व्यय सुनिश्चित किया गया है।
बिलासपुर का होगा महानगरों की तर्ज पर विकास
इस बजट में न्यायधानी बिलासपुर के विकास को विशेष प्राथमिकता दी गई है। बिलासपुर के राजीव गांधी चौक से सीपत चौक तक फ्लाईओवर का निर्माण, मेलनाडीह से मस्तूरी तक सड़क निर्माण, उसलापुर से अमेरी अंडरब्रिज तक मार्ग का निर्माण, चकरभाठा से धमनी पहुँच मार्ग का निर्माण।ये सभी परियोजनाएँ बिलासपुर शहर को महानगरों की श्रेणी में खड़ा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
न्यायधानी बिलासपुर एयरपोर्ट के विकास, CG VAYU योजना के तहत उड़ानों को प्रोत्साहन दिया जाएगा साथ ही बिलासपुर के कोनी में 115 करोड़ की लागत से स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट की स्थापना की जाएगी ये दोनों बिलासपुर में स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी दोनों क्षेत्रों में ऐतिहासिक निवेश हैं।

बजट 2026-27 बना किसान समृद्धि का आधार
कृषक उन्नति योजना के लिए बजट में 10,000 करोड़ का प्रावधान यह स्पष्ट करता है कि राज्य के अन्नदाता सरकार की प्राथमिकता हैं। ब्याज मुक्त ऋण, विद्युत पंपों के लिए मुफ्त बिजली, फसल बीमा, डेयरी विकास बजट में साय सरकार की ये पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगी।
कृषि विश्वविद्यालय और उद्यानिकी विश्वविद्यालय के लिए बजट में पर्याप्त राशि का प्रावधान, वाटरशेड प्रबंधन और बागवानी मिशन के लिए व्यवस्था इस बात का संकेत है कि खेती को आधुनिक और लाभकारी बनाया जाएगा। ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय किसानों की समस्याओं को निकट से समझते हैं। यही कारण है कि उनका बजट किसान-केंद्रित दृष्टिकोण को मजबूती देने वाला है।
नारी सशक्तिकरण: महतारी गौरव वर्ष
महतारी वंदन योजना के लिए साय सरकार के द्वारा बजट में 8,200 करोड़ रुपए का प्रावधान महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ाने वाला ऐतिहासिक कदम है।रानी दुर्गावती योजना के तहत बालिका को 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर 1.5 लाख रुपये दिए जाने का प्रावधान है। महिलाओं के नाम पर संपत्ति पंजीयन में 50% छूट भी केवल राहत नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन का संकेत है।

लखपति दीदी भ्रमण योजना के माध्यम से सफल महिला उद्यमियों का exposure visit यह दर्शाने वाला है कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर और नेतृत्वकारी भूमिका में देखना चाहती है।
राज्य के युवाओं की रोजगार से नेतृत्व तक आरम्भ होगी नई यात्रा
CG ACE योजना के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी, मेगा परीक्षा केंद्र, नालंदा पुस्तकालयों में करियर काउंसलिंग के माध्यम से युवा शक्ति को दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है।मुख्यमंत्री AI मिशन और NIPUN मिशन भविष्य की अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया हैं। AI आधारित स्टार्टअप, तकनीकी कौशल, डिजिटल अधोसंरचना ये सभी छत्तीसगढ़ को नई औद्योगिक क्रांति से जोड़ने वाले साबित होंगे।

बस्तर और सरगुजा में जुड़ रहा विकास का नया अध्याय
अबूझमाड़ और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी की स्थापना नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को शिक्षा के केंद्र में बदलने वाली ऐतिहासिक पहल है।इंद्रावती नदी पर बैराज निर्माण, बस सेवा, अतिरिक्त पोषण सहायता, बस्तर फाइटर्स के पद यह सभी विकास और सुरक्षा दोनों को साथ लेकर चलने की रणनीति है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विकास को केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रखते बल्कि वे उसे दूरस्थ अंचलों तक पहुँचाते हैं उनके इस दृष्टिकोण की चहुं ओर सराहना होती है।
स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा को दी जा रही प्राथमिकता
यह बजट समावेशी समाज की परिकल्पना को साकार करने वाला बजट है।इसमें 1,500 करोड़ की आयुष्मान योजना, 2,000 करोड़ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, नए मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, कार्डियक इंस्टीट्यूट यह सभी प्रयास स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने वाला है। बजट में सामाजिक सुरक्षा, पेंशन योजना, तृतीय लिंग कल्याण बोर्ड के व्यवस्था की भी सराहना की जा रही है।

अधोसंरचना और उद्योग से बन रहा छत्तीसगढ़ औद्योगिक हब
यह छत्तीसगढ़ को औद्योगिक हब बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की तैयारी हैं। जिसमें 9,451 करोड़ रुपए,लोक निर्माण के लिए, 3,500 करोड़ रुपए जल संसाधन के लिए, 23 नए औद्योगिक पार्क का निर्माण, 750 करोड़ रुपए पूंजी निवेश सब्सिडी शामिल है।लैंड बैंक विकास योजना और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0 के साथ बजट में निवेश और रोजगार सृजन को भी प्राथमिकता दी गई है।
संस्कृति, पर्यटन और पहचान
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री आस्था पथ योजना के तहत कुदरगढ़, रतनपुर, डोंगरगढ़, दंतेवाड़ा जैसे शक्तिपीठों के दर्शन के लिए रखा गया विशेष प्रावधान राज्य में सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देगा। सिरपुर विकास योजना, जनजातीय सुर-गुड़ी स्टूडियो से राज्य की साय सरकार की उस मानसिकता प्रदर्शन होता है जिसके तहत वो विकास के साथ संस्कृति को भी सहेज रही है। संक्षेप में बजट 2026-27 को छत्तीसगढ़ की आत्मा का विस्तार कहा जा सकता है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रस्तुत यह SANKALP बजट सरकार समावेशी विकास, क्षेत्रीय संतुलन, अधोसंरचना निर्माण, मानव संसाधन विकास और सांस्कृतिक संरक्षण को साथ लेकर चलने वाली है।
जब नेतृत्व में ईमानदारी हो, दृष्टि में स्पष्टता हो और संकल्प में मजबूती हो तब बजट एक आँकड़ा नहीं बल्कि भविष्य की दिशा तय करने वाला बन जाता है। छत्तीसगढ़ आज विकास की जिस नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर है इस यात्रा के अग्रदूत हैं राज्य के यशस्वी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय।


