शिखिल ब्यौहार, भोपाल। भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के वर्ष 2022 और 2023 के दीक्षांत समारोह से जुड़े खान-पान और हाई-टी के खर्च को लेकर सवाल उठे हैं। आरटीआई के जरिए सामने आए दस्तावेजों में एक ओर जहां हाई-टी की व्यवस्था को लेकर विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी की असंतुष्टि दर्ज है, वहीं दूसरी ओर अलग-अलग मदों में लाखों रुपये के भुगतान का रिकॉर्ड भी सामने आया है। एक व्यक्ति की हाई टी के लिए 450 रुपये का भुगतान हुआ।  

आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, 13 अक्टूबर 2022 की हाई-टी व्यवस्था को लेकर वित्त अधिकारी ने इसे अत्यंत असंतोषजनक बताया था। फाइल में दर्ज टिप्पणी के मुताबिक, करीब 15 से 20 लोगों के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। अधिकारी के अनुसार, परिचय देने के बाद उन्हें सिर्फ आधा कप काली चाय मिली। दस्तावेजों में यह भी उल्लेख है कि संबंधित देयक पर निर्णय लेने से पहले मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम के प्रबंधक को चर्चा के लिए बुलाना उचित होगा। इसके बाद अब एक बार फिर यूनिवर्सिटी प्रबंधन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लग रहे हैं।

450 रुपये प्रति व्यक्ति का कोटेशन

आरटीआई एक्टिविस्ट धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि फाइल में पलाश रेजीडेंसी, एमपीटीडीसी की ओर से 2 सितंबर 2022 को जारी कोटेशन भी शामिल है। इसमें हाई-टी की दर 450 रुपये प्रति व्यक्ति, प्लस टैक्स दर्ज है। पैक्ड स्नैक्स के लिए 225 रुपये प्रति व्यक्ति और ट्रांसपोर्टेशन के लिए 3,000 रुपये प्लस टैक्स का उल्लेख किया गया है। बाद में विश्वविद्यालय की ओर से वीवीआईपी हाई-टी के लिए 15 लोगों का आदेश जारी किया गया। इसमें 750 रुपये प्रति व्यक्ति की दर दर्ज है। आदेश के मुताबिक चाय, कॉफी, कुकीज, फल और ड्राई फ्रूट्स समेत अन्य खाद्य सामग्री शामिल थी। इस मद में जीएसटी सहित 8,850 रुपये के भुगतान का रिकॉर्ड है। सरकारी विभाग आपस में मिलीभगत कर घोटाला कर रहे हैं।

2023 में हाई-टी और नाश्ते पर 4.47 लाख की स्वीकृति

एक अन्य नोटशीट में वर्ष 2023 के दीक्षांत समारोह के खर्च का विवरण दिया गया है। इसमें राजाभोज हॉल का किराया 2 लाख रुपये, एमपीटी वीआईपी हाई-टी 7,500 रुपये, एमपीटी हाई-टी 1,54,700 रुपये और छप्पन भोग नाश्ता पैकेट 40,950 रुपये दर्ज हैं। हॉल पर 18 प्रतिशत जीएसटी के 36,000 रुपये और हाई-टी पर 5 प्रतिशत जीएसटी के 8,110 रुपये का भी उल्लेख है। नोटशीट में कुल 4,47,260 रुपये के भुगतान की स्वीकृति मांगी गई।

बाहरी हॉल के इस्तेमाल पर भी सवाल

आरटीआई दस्तावेजों के आधार पर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र और शिकायतकर्ता धर्मेंद्र सिंह गौर ने बाहरी हॉल के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब विश्वविद्यालय के पास अपना ऑडिटोरियम उपलब्ध था, तो समारोह के लिए बाहरी हॉल लेने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय शिकायत कर पूरे खर्च और व्यवस्था की जांच कराने की बात कही है।

पढ़ाई और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी सवाल

मामले को लेकर कांग्रेस वरिष्ठ नेता जेपी धनोपिया ने कहा कि सरकार सिर्फ भ्रष्टाचार की है। विश्वविद्यालय में कई प्रकार के भ्रष्टाचार किया जा रहे हैं लेकिन यह भ्रष्टाचार अपने आप में अनोखा है। मामले पर गंभीरता से जांच कराई जानी चाहिए। चाय बेचने वाले प्रधानमंत्री के राज में चाय पर घोटाले किया जा रहे हैं। बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता महेश शर्मा ने कहा कि मामला सामने आया है तो जांच होगी। दोषी पाए गए तो कार्यवाही भी होगी। लेकिन कांग्रेस अपने कार्यकाल को भी देखें जहां शिकायतों के बाद भी कार्यवाही या नहीं की जाती थी।

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