मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विकासनगर दौरे के दौरान कालसी स्थित हरिपुर घाट का लोकार्पण किया और यमुना की 25 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया. हरिपुर जौनसार बावर का प्रवेश द्वार है, जहां यमुना और टौंस समेत अन्य सहायक नदियों का संगम होता है.

उत्तराखंड. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गुरुवार को विकासनगर दौरे पर रहे. इस दौरान उन्होंने कालसी स्थित हरिपुर घाट का लोकार्पण किया और यहां यमुना की 25 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गौरव के पुनर्जागरण का कार्य लगातार जारी है.

जौनसार बावर का प्रवेश द्वार

हरिपुर को जौनसार बावर का प्रवेश द्वार माना जाता है. यहां यमुना और टौंस नदियों के साथ अन्य सहायक नदियों का संगम होता है. टौंस को तमसा नदी के नाम से भी जाना जाता है और यमुना तथा टौंस नदियों के बीच जौनसार बावर का पहाड़ी क्षेत्र स्थित है.

देहरादून जिले का जौनसार बावर अपनी विशिष्ट संस्कृति और धार्मिक परंपराओं के लिए जाना जाता है. क्षेत्र के आराध्य महासू महाराज हैं और उनका प्रमुख मंदिर हनोल में स्थित है.

कृषि और बागवानी पर निर्भरता

जौनसार बावर क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका कृषि, बागवानी और पशुपालन से जुड़ी है. यहां होने वाले तीज-त्योहारों में पारंपरिक संस्कृति की झलक देखने को मिलती है.

किसान कोदों, झंगोरा, मक्का, जौ, गेहूं और धान सहित विभिन्न मोटे अनाजों का उत्पादन करते हैं. इसके अलावा अदरक, टमाटर, अरबी, हरा धनिया, हरी मिर्च, बीन, शिमला मिर्च और लहसुन जैसी नगदी फसलों का भी बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है.

ऊंचाई वाले इलाकों में सेब, पूलम, नाशपाती और किवी की बागवानी भी की जाती है. क्षेत्र के किसानों के लिए नजदीकी सब्जी मंडी सहिया में है, जहां इन दिनों अदरक की आवक शुरू हो गई है.

सहिया मंडी से अदरक की मांग के अनुसार दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और अन्य क्षेत्रों में भी भेजा जाता है. पशुपालन के तहत क्षेत्र में भैंस, गाय, बैल, बकरी और भेड़ भी पाले जाते हैं.

धार्मिक आस्था का केंद्र

अपने उद्गम स्थल से बहती यमुना नदी जौनसार बावर के मुख्य द्वार हरिपुर से होकर आगे बढ़ती है. जौनसार बावर क्षेत्र की देव डोलियां मां यमुना के स्नान के लिए हरिपुर घाट लाई जाती हैं.

मान्यता के अनुसार यहां लोग स्नान कर पुण्य अर्जित करते हैं. उत्तराखंड सरकार ने हाल ही में हरिपुर तट पर यमुना घाट का निर्माण कराया है.

घाट के निर्माण से तीर्थ यात्रियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है. इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की भी संभावना है.