हरियाणा में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम ने निर्देश जारी करते हुए सभी वरिष्ठ अधिकारियों को अपने-अपने मुख्यालय पर उपस्थित रहने के लिए कहा है। अब बिना पूर्व अनुमति के कोई भी अधिकारी कार्यालय से बाहर नहीं जा सकेगा।
इस निर्णय के पीछे लगातार मिल रही शिकायतें और कार्यों में हो रही देरी मुख्य वजह रही हैं। अक्सर बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और खराब ट्रांसफार्मर जैसी समस्याओं को लेकर लोग शिकायत करते थे, लेकिन संबंधित अधिकारी मौके पर उपलब्ध नहीं होते थे। इससे समाधान में अनावश्यक देरी होती थी और उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ती थी, खासकर गर्मी के मौसम में जब बिजली की मांग अधिक होती है।
नए नियम लागू होने के बाद अधिकारी अपने कार्यालय में मौजूद रहेंगे, जिससे निर्णय प्रक्रिया तेज होगी। फील्ड स्टाफ को भी समय पर निर्देश मिल सकेंगे और काम में तेजी आएगी। इसका सीधा लाभ आम जनता को मिलेगा, क्योंकि उनकी समस्याओं का समाधान अब पहले से अधिक तेजी से हो सकेगा।

यह आदेश राज्य के सभी जिलों और सर्कल स्तर पर लागू होगा, जिससे पूरे सिस्टम में जवाबदेही और सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है।
- 5 बैगा आदिवासी बच्चों की मौत से हड़कंप, कांग्रेस ने गठित की 7 सदस्यीय जांच समिति, गांव जाकर करेगी पड़ताल
- सिंहस्थ क्षेत्र से हटाया अतिक्रमण: हरियाणा आश्रम पर चला पीला पंजा, नगर निगम ने की कार्रवाई
- ऑनलाइन सट्टा के मास्टरमाइंड बाबू खेमानी पर शिकंजा, 1.42 करोड़ की संपत्ति होगी कुर्क, कोर्ट ने दिया आदेश
- रफ्तार, मौत की ठोकर और भयावह मंजरः DCM ने 4 युवतियों को मारी टक्कर, 1 की थमी सांसें, देखकर लोगों की कांप उठी रूह
- सोपा के 9वें अंतरराष्ट्रीय सोया कॉन्क्लेव में शामिल हुए CM डॉ. मोहन, सोयाबीन उद्योग की संभावनाओं, चुनौतियों और भविष्य की रणनीति पर किए विचार

