चंडीगढ़ : हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के बीच प्रदेशवासियों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने दावा किया है कि बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का समाधान लगभग निकल चुका है और आने वाले कुछ घंटों में स्थिति सामान्य हो सकती है। सरकार और कर्मचारी नेताओं के बीच बातचीत के लिए सहमति बनने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद बढ़ गई है।

अनिल विज ने कर्मचारी नेताओं से अपील की है कि वे हड़ताल समाप्त कर बिजली व्यवस्था को जल्द से जल्द सुचारु करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार अपना रुख तय कर चुकी है और अब बातचीत के जरिए विवाद को सुलझाने की कोशिश की जा रही है। मंत्री के मुताबिक, उन्होंने कर्मचारी नेताओं से बात भी की है और उन्हें विश्वास है कि जल्द ही कोई रास्ता निकल आएगा।

दोपहर 3 बजे होगी अहम बैठक

बिजली कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर सरकार और यूनियन नेताओं के बीच बातचीत का रास्ता खुल गया है। अनिल विज ने बताया कि कर्मचारी नेताओं को शुक्रवार दोपहर 3 बजे पंचकूला स्थित लोक निर्माण विभाग के विश्रामगृह में बैठक के लिए बुलाया गया है। कर्मचारी नेताओं ने भी इस बैठक में शामिल होने पर सहमति जताई है।

इस बैठक को बिजली संकट के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बातचीत के दौरान दोनों पक्ष किसी सहमति पर पहुंच पाते हैं या नहीं।

धारा 108 के इस्तेमाल पर सरकार तैयार

ऊर्जा मंत्री ने बताया कि विवाद को सुलझाने के लिए इलेक्ट्रिसिटी एक्ट की धारा 108 का इस्तेमाल करने के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी नेताओं की ओर से सरकार के सामने यह मांग रखी गई थी कि इस धारा का उपयोग करके संबंधित आदेश को खारिज किया जाए।

विज के अनुसार, इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से भी चर्चा हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार इस कानूनी प्रावधान के इस्तेमाल के लिए तैयार है और कर्मचारी नेताओं ने भी इस संबंध में सहमति जताई है।

निजीकरण के मुद्दे पर फंसा है विवाद

अनिल विज ने धारा 108 का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि किसी नीति में बदलाव होता है या मौजूदा नीति से अलग निर्णय लिया जाता है, तो सरकार इस प्रावधान के तहत निर्देश दे सकती है। उन्होंने बिजली व्यवस्था में सरकारी से निजी क्षेत्र की ओर बदलाव के मुद्दे को भी इसी संदर्भ में उठाया।

मंत्री ने भरोसा जताया कि सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदम और कर्मचारी नेताओं के साथ होने वाली बातचीत से विवाद का समाधान निकल सकता है। उन्होंने दोहराया कि हड़ताल किसी समस्या का उचित रास्ता नहीं है और बातचीत के जरिए ही आगे बढ़ना चाहिए।

अब बिजली बहाली पर टिकी निगाहें

प्रदेश में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से प्रभावित आपूर्ति को सामान्य करना सरकार के सामने बड़ी चुनौती है। ऐसे में दोपहर की बैठक से निकलने वाला नतीजा काफी अहम होगा। यदि सरकार और कर्मचारी नेताओं के बीच सहमति बन जाती है, तो बिजली बहाली की प्रक्रिया तेज हो सकती है।

हालांकि, अनिल विज ने कुछ ही घंटों में हड़ताल खत्म होने की उम्मीद जताई है, लेकिन अंतिम फैसला बैठक के नतीजे और कर्मचारी संगठनों की सहमति पर निर्भर करेगा।