जींद। सरकारी नौकरी पाने की उम्मीद में तीन महिलाओं ने करीब 7 लाख रुपये गंवा दिए। आरोप है कि पुलिस के एक सिपाही ने खुद को कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा का सिक्योरिटी ऑफिसर बताकर उन्हें अपने जाल में फंसाया। उसने हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के जरिए आंगनबाड़ी सुपरवाइजर की नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी महिलाओं को नौकरी नहीं मिली।

नौकरी का भरोसा देकर लिए लाखों रुपये

महिलाओं को उम्मीद थी कि जल्द ही उनकी नौकरी लग जाएगी। इसी भरोसे में उन्होंने आरोपी को करीब 7 लाख रुपये दे दिए। जब लंबे समय तक जॉइनिंग लेटर नहीं मिला, तो उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे। आरोप है कि सिपाही पहले उन्हें जल्द नियुक्ति पत्र दिलाने का आश्वासन देता रहा। बाद में उसने रुपये लौटाने से इनकार कर दिया।

शिकायत के बाद खुला मामला

पैसे वापस नहीं मिलने पर पीड़ित महिलाओं ने जुलाना थाने में शिकायत दी। पुलिस ने मामले की जांच की तो पता चला कि आरोपी सिपाही रोहतक में तैनात है। इसके बाद उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।

मंत्री अरविंद शर्मा ने कही कार्रवाई की बात

इस मामले में कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने भी अपना पक्ष रखा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोपी कभी उनका पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) नहीं रहा। मंत्री के मुताबिक, जब वह सांसद थे, तब आरोपी करीब डेढ़ महीने तक उनके गनमैन के रूप में तैनात रहा था।

मंत्री ने कहा कि यदि किसी ने उनके नाम का इस्तेमाल करके नौकरी दिलाने के बहाने पैसे लिए हैं, तो उसके खिलाफ पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m