करनाल: हरियाणा के करनाल जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। बेहतर रोजगार और परिवार के सुनहरे भविष्य की चाह में करीब 11 साल पहले विदेश गए 32 वर्षीय युवक रिंकू की जर्मनी में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। रिंकू की मौत की खबर मिलते ही उसके करनाल स्थित घर में कोहराम मच गया है और हंसते-खेलते परिवार की खुशियां पल भर में मातम में बदल गई हैं।
11 साल का कड़ा संघर्ष और पीआर (PR) का सपना
परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, रिंकू करीब 11 साल पहले घर की तंग आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए रोजगार की तलाश में पुर्तगाल गया था। वहां कुछ समय तक कड़ी मेहनत करने के बाद वह जर्मनी चला गया। जर्मनी में वह मजदूरी करके अपना जीवन बसर कर रहा था और वहां से लगातार पैसे भेजकर अपने परिवार की आर्थिक मदद भी कर रहा था। परिवार को पूरी उम्मीद थी कि रिंकू की मेहनत से उनके दिन बदलेंगे।
कुछ समय पहले ही रिंकू को जर्मनी में स्थायी निवास (PR) मिला था, जिससे उसकी सालों की तपस्या सफल होती दिख रही थी। विदेश में रिंकू का भविष्य सुरक्षित देख पूरे परिवार में खुशी का माहौल था और उसकी चिंताएं काफी कम हो गई थीं। लेकिन किसे पता था कि किस्मत को कुछ और ही मंजूर है।
स्थायी निवास मिलते ही आई मौत की खबर, कारण अब भी रहस्य
खुशी के इस माहौल के बीच अचानक जर्मनी से रिंकू की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खौफनाक खबर आ गई। परिजनों के अनुसार, रिंकू की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह स्थिति अभी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पाई है। परिवार के लोग अभी भी मौत के वास्तविक कारणों की जानकारी मिलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
शव को भारत लाने की प्रक्रिया जारी
रिंकू का परिवार इस समय गहरे सदमे में है और उसके शव के भारत पहुंचने का इंतजार कर रहा है। बताया जा रहा है कि जर्मनी में जरूरी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही शव को भारत वापस लाने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। करीब 11 साल तक देश से दूर रहकर परिवार के लिए पसीना बहाने वाले रिंकू का इस तरह दुनिया से चले जाना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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