चंडीगढ़। हरियाणा में ट्रैफिक नियम तोड़ना अब भारी पड़ सकता है। पुलिस ने प्रदेश में Next Gen E-Challan (नेक्स्ट जेन ई-चालान) व्यवस्था लागू कर दी है। इसमें चालान की पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी।

नए सिस्टम में चालान होने के बाद वाहन चालक को ज्यादा समय तक इसे नजरअंदाज करने की छूट नहीं होगी। उल्लंघन के तीन दिन के अंदर नोटिस भेजा जाएगा।

इसके बाद चालक के पास चालान स्वीकार करने या उसे चुनौती देने के लिए 45 दिन होंगे। इस दौरान कोई कार्रवाई नहीं की तो चालान अपने आप स्वीकार माना जाएगा।

अगर चालक चालान को गलत मानता है तो वह इसकी शिकायत कर सकता है। शिकायत का निपटारा 30 दिन में करना होगा। तय समय में शिकायत का निपटारा नहीं हुआ तो शिकायत भी स्वीकार मानी जाएगी।

शिकायत खारिज होने पर भी चालक के पास अदालत जाने का रास्ता रहेगा। इसके लिए पहले चालान की 50 प्रतिशत राशि जमा करनी होगी।

स्वीकार किए गए चालान का भुगतान 90 दिन के भीतर करना होगा।

लंबित चालान को लेकर भी सख्ती की गई है। चालान का निपटारा नहीं होने तक वाहन के रजिस्ट्रेशन से जुड़ी सेवाएं रोकी जा सकती हैं। ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े काम पर भी असर पड़ सकता है।

वाहन को ऑनलाइन पोर्टल पर भी चिह्नित किया जा सकता है। नियमों के तहत कुछ परिस्थितियों में पुलिस वाहन को हिरासत में भी ले सकती है।

पुलिस अब केवल चालान काटने तक सीमित नहीं रहेगी। जाम को लेकर भी पहले से तैयारी की जाएगी।

डीजीपी अजय सिंघल ने अधिकारियों को डेटा आधारित ट्रैफिक व्यवस्था अपनाने के निर्देश दिए हैं। कंट्रोल रूम और डिजिटल मैपिंग की मदद ली जाएगी।

Google Maps जैसे तकनीकी माध्यमों से जाम वाले इलाकों पर नजर रखी जाएगी। जहां बार-बार जाम लगता है, वहां पहले से पुलिस बल लगाया जाएगा।

जरूरत पड़ने पर ट्रैफिक डायवर्जन भी किया जाएगा। यानी जाम लगने के बाद कार्रवाई करने के बजाय उसे पहले रोकने की कोशिश होगी।

बैठक में पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग पर भी चर्चा हुई। प्रदेश में इसके लिए 27 स्क्रैपिंग सेंटर बनाए गए हैं।

पात्र वाहन मालिक पुराने वाहन स्क्रैप करा सकते हैं। इसके बदले उन्हें निर्धारित स्क्रैप मूल्य और नियमानुसार दूसरी रियायतों का लाभ मिल सकता है।

हरियाणा पुलिस के मुताबिक, नई व्यवस्था का मकसद चालान प्रक्रिया को समयबद्ध बनाना और सड़क सुरक्षा को मजबूत करना है.