चंडीगढ़। हरियाणा में सरकारी पेंशन प्राप्त करने वाले करीब 2.60 लाख लोगों के लिए राहत भरी खबर है। पेंशन भुगतान में किसी तरह की रुकावट न आए और बुजुर्गों को जीवन प्रमाण पत्र जमा कराने के लिए अनावश्यक भागदौड़ न करनी पड़े, इसके लिए राज्य सरकार ने नेशनल डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट कैंपेन-5.0 में भाग लेने का फैसला किया है। इस अभियान के तहत प्रदेश के पेंशनभोगी 30 नवंबर 2026 तक अपना डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (DLC) जमा कर सकेंगे।

सरकार की इस पहल का उद्देश्य पेंशन वितरण प्रक्रिया को आसान बनाना और पात्र पेंशनरों का भुगतान नियमित बनाए रखना है। खास बात यह है कि अब जीवन प्रमाण पत्र जमा कराने के लिए केवल बैंक या सरकारी कार्यालय पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी। पेंशनर बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण, स्मार्टफोन से चेहरा पहचानने वाली तकनीक और घर पर उपलब्ध डाक विभाग की सेवाओं का भी इस्तेमाल कर सकेंगे।

किन पेंशनरों को मिलेगा अभियान का लाभ?

हरियाणा के वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल के अनुसार, इस अभियान में ई-पेंशन प्रणाली के माध्यम से पेंशन प्राप्त करने वाले सभी संबंधित पेंशनभोगी शामिल हो सकते हैं। इनमें ट्रेजरी, सब-ट्रेजरी और पेंशन वितरण प्रकोष्ठ (PDC) के जरिए पेंशन लेने वाले लोग भी शामिल हैं।

इसके अलावा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और अन्य प्रमुख बैंकों के माध्यम से पेंशन प्राप्त करने वाले लाभार्थी भी इस सुविधा का फायदा उठा सकेंगे।

डिजिटल प्रमाण पत्र के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय

अभियान को प्रदेशभर में सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर भी जिम्मेदारियां निर्धारित की हैं। हरियाणा के ट्रेजरी एवं लेखा विभाग में संयुक्त निदेशक (PDC) राकेश कुमार राठी को राज्य नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

वहीं, चंडीगढ़ समेत हरियाणा के सभी ट्रेजरी अधिकारियों को अपने-अपने जिलों में उप नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पेंशनरों को डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा कराने की प्रक्रिया समझाएं और जरूरत पड़ने पर उनकी मदद करें, ताकि तकनीकी जानकारी के अभाव में किसी लाभार्थी को परेशानी न हो।

घर बैठे मोबाइल से भी जमा कर सकेंगे जीवन प्रमाण पत्र

ट्रेजरी एवं लेखा विभाग के महानिदेशक हितेश कुमार मीणा ने बताया कि पेंशनरों को डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा कराने के लिए एक से अधिक विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। इससे खासकर बुजुर्ग और चलने-फिरने में असमर्थ पेंशनभोगियों को काफी सुविधा मिलेगी।

जीवन प्रमाण पत्र जमा कराने के प्रमुख तरीके इस प्रकार हैं:

  • बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण: बायोमीट्रिक डिवाइस की मदद से पहचान सत्यापित कर डिजिटल प्रमाण पत्र बनाया जा सकता है।
  • स्मार्टफोन से फेस ऑथेंटिकेशन: मोबाइल में फेस ऑथेंटिकेशन एप्लिकेशन के जरिए चेहरे की पहचान कराकर प्रमाण पत्र जमा किया जा सकता है।
  • घर बैठे डाक विभाग की सुविधा: इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के माध्यम से घर पर ही डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनवाने की सुविधा उपलब्ध है।
  • ट्रेजरी कार्यालय में जाकर: पेंशनर अपने नजदीकी ट्रेजरी या सब-ट्रेजरी कार्यालय में पहुंचकर भी यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

पेंशनरों के लिए क्यों जरूरी है डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट?

डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र पेंशनभोगी के जीवित होने की पुष्टि करने वाला इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज है। इसके माध्यम से संबंधित विभाग या बैंक पेंशनर का सत्यापन कर पाता है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रमाण पत्र जमा होने से पेंशन भुगतान जारी रखने में आसानी होती है।

हरियाणा सरकार का यह अभियान उन हजारों बुजुर्गों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है, जिन्हें हर साल जीवन प्रमाण पत्र जमा कराने के लिए बैंक या सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने में दिक्कत होती है।

पेंशनरों के लिए जरूरी बात: 30 नवंबर 2026 की निर्धारित समय-सीमा से पहले अपना डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करा लें और जमा होने की पुष्टि अवश्य कर लें, ताकि पेंशन भुगतान में किसी तरह की परेशानी न आए।