Haryana Rajya Sabha Elections: 10 राज्यों की 37 सीटों पर हुए राज्यसभा चुनाव का रिजल्ट आ गया है। 37 राज्यसभा सीटों में से एनडीए ने 22 और विपक्ष ने 15 सीटें जीतीं हैं। इन 37 सीटों में से 26 पर प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए थे। बिहार, हरियाणा और ओडिशा में राज्यसभा की 11 सीटों के लिए हुए चुनाव में ड्रामा देखने को मिला। हालांकि सबसे ज्यादा हरियाणा राज्यसभा चुनाव में हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों पर बड़े ही नाटकीय घटनाक्रम के साथ हुए चुनाव में एक सीट बीजेपी और दूसरी सीट कांग्रेस ने जीत ली। बीजेपी उम्मीदवार संजय भाटिया की जीत पहले से तय थी, लेकिन कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध को जीत के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। उन्होंने बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को मामूली अंतर से हराया। इस तरह बीजेपी हैट्रिक से चूक गई।

राज्यसभा की इन दोनों सीटों पर हुए चुनाव में जहां बीजेपी निर्दलीय उम्मीदवार के दम पर जीत की हैट्रिक लगाने से चूक गई। वहीं पिछले दो राज्यसभा चुनाव में हुई हार का कलंक धोने में कांग्रेस कामयाब हो गई। कांग्रेस की इस जीत को विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा की जीत माना जा रहा है। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि जिन लोगों ने पार्टी को धोखा दिया है, उनका हिसाब जनता करेगी और पार्टी की और से भी उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। भूपेंद्र सिंह हुड्डा का इशारा उन पांच विधायकों की ओर था, जिन्होंने इस मतदान में क्रॉस वोट करके बीजेपी के समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया।

दरअसल निर्दलीय सतीश नांदल – 16 विधायकों के वोट – लेकिन जीत के लिए निर्धारित वोट वैल्यू पहले ही कांग्रेस और बीजेपी के उम्मीदवारों ने हासिल कर ली। इसलिए निर्दलीय सतीश नांदल के केस में सेकेंड प्रेफरेंस के वोट वैल्यू को काउंट करने की आवश्यकता ही नहीं पड़ी। टॉप टू उम्मीदवारों को विजयी घोषित किया गया। इस प्रकार कुल वैलिड 83 वोटों की गिनती हुई, जिनकी कुल वोट वैल्यू 8300 थी। चुनाव जीतने के लिए एक उम्मीदवार को 27.66 कोटा वोट की जरूरत थी। वोट वेल्यू और प्रेफरेंस के हिसाब से बीजेपी के संजय भाटिया को 2766.66, कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध को 2800 और निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को 2733.33 वोट वैल्यू मिली।

ऐसे में कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध मामूली अंतर, यानी 33 वोट वैल्यू से विजयी घोषित हुए। अगर INLD चुनाव का बहिष्कार ना करती और निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को वोट कर देती तो कांग्रेस हार सकती थी और बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार की जीत हो सकती थी।

करमबीर सिंह बुद्ध और संजय भाटिया

कुल विधायक वोट – 90

  • 2 इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) गैर-हाजिर.
  • 4 कांग्रेस इनवैलिड
  • 1 बीजेपी इनवैलिड
  • वैलिड वोट रह गये – 83

वोट वेल्यू जीत का फॉर्मूला

  • 83 टोटल वैलिड वोट X 100/3+1
  • जीत के लिए आवश्यकता – वोट वेल्यू – 2767
  • कांग्रेस कर्मवीर बौद्ध – 28 – वोट वेल्यू – 2800
  • बीजेपी संजय भाटिया – 39 – वोट वेल्यू – 3900

राहुल गांधी ने किया दलित भाईचारे का सम्मानः दीपेंद्र हुड्डा

हरियाणा कांग्रेस प्रभारी बीके हरिप्रसाद, प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने इस जीत को राहुल गांधी की जीत करार दिया और कहा कि कर्मवीर बौद्ध को उम्मीदवार बनाकर राहुल गांधी ने दलित भाईचारे का सम्मान किया और कांग्रेस ने एकजुटता दिखाकर इस फैसले पर मुहर लगाई है। दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि जिन लोगों ने हरियाणा की जनता को धोखा दिया है और क्रॉस वोट करने का काम किया है, उनका हिसाब जनता करेगी और पार्टी प्लेटफार्म पर भी उन लोगों के नाम उजागर किए जाएंगे। हालांकि कांग्रेस के किसी भी नेता ने क्रॉस वोट करने वाले अपने विधायकों के नाम उजागर नहीं किये और कहा कि पार्टी आलाकमान को इसकी पूरी रिपोर्ट भेजी जाएगी।

मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कांग्रेस पर साधा निशाना

वहीं हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है, जब कांग्रेस ने अपने विधायकों से जबरन वोट करवाने के लिए उन्हें एक तरह से बंधक बनाकर रखा और उन्हें अपनी मनमर्जी के हिसाब से वोट नहीं करने दिया गया। नायब सैनी ने कहा कि इस पूरे चुनाव में कांग्रेस का ये रवैया बेहद ही हैरान करने वाला था. कांग्रेस अपने विधायकों को बंदी बनाकर अलग-अलग स्थान पर भेजते रही। खुद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पोलिंग एजेंट बनकर बैठ गए और अपने विधायकों को डराने का काम किया। उन्होंने कहा कि इंडियन नेशनल लोकदल ने इस चुनाव में कांग्रेस की बी टीम का रोल किया। अगर उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार को वोट कर दिया होता तो वो आसानी से जीत सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा ना करके कांग्रेस को फायदा पहुंचाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के 5 वोट क्रॉस हुए हैं और निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल महज एक वोट से चुनाव हारे हैं।

निर्दलीय उम्मीदवार पर रहा बीजेपी का फोकस

बीजेपी एक सीट पर भले ही जीत गई हो लेकिन बीजेपी का पूरा फोकस उनके द्वारा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के चुनाव पर भी रहा। बीजेपी के जीतने वाले राज्यसभा उम्मीदवार संजय भाटिया के मुताबिक कांग्रेस ने अपने विधायकों को बंधक बनाकर रखा और कभी एक जगह तो दूसरी जगह उनका शिफ्ट किया गया और उन्हें उनकी अंतरात्मा के हिसाब से वोट नहीं करने दिया गया।

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