मोहम्मद शमी और उनके भाई हसीब के 2027 विधानसभा चुनाव में उतरने की चर्चाओं के बीच हसीन जहां ने भी चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है. हसीन जहां ने कहा कि शमी या हसीब जहां से चुनाव लड़ेंगे, वह भी वहीं से उनके सामने मैदान में उतरेंगी.

अमरोहा. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर चल रही राजनीतिक चर्चाओं के बीच हसीन जहां ने भी चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है. मोहम्मद शमी और रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी की मुलाकात के बाद शमी या उनके भाई हसीब के चुनाव मैदान में उतरने की अटकलें चल रही हैं, इसी बीच हसीन जहां ने कहा है कि शमी या हसीब जहां से चुनाव लड़ेंगे, वह भी वहीं से उनके सामने चुनाव लड़ेंगी.

हसीन जहां ने यह भी कहा कि अगर उन्हें किसी राजनीतिक दल से टिकट नहीं मिलता है, तो वह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतर सकती हैं. हालांकि, फिलहाल उनकी किसी पार्टी में शामिल होने या किसी सीट से आधिकारिक उम्मीदवार बनने की घोषणा नहीं हुई है.

शमी से मुलाकात के बाद चर्चा

20 सितंबर को दिल्ली में मोहम्मद शमी और जयंत चौधरी की मुलाकात की तस्वीर सामने आने के बाद अमरोहा में शमी की संभावित राजनीतिक पारी को लेकर चर्चाएं तेज हुईं. उपलब्ध रिपोर्टों में शमी के साथ उनके भाई मोहम्मद हसीब के नाम की भी चर्चा है, लेकिन दोनों में से किसी की उम्मीदवारी की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है.

इसी राजनीतिक चर्चा के बीच हसीन जहां ने गुरुवार को फोन पर बातचीत में चुनाव लड़ने की अपनी इच्छा स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि यदि शमी या हसीब चुनाव मैदान में उतरते हैं, तो वह उनके खिलाफ चुनाव लड़ेंगी.

अमरोहा सीट का रिकॉर्ड

अमरोहा विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी के महबूब अली 2022 में लगातार पांचवीं बार विधायक चुने गए थे. निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक 2022 के चुनाव में महबूब अली को 1,28,735 वोट मिले थे, जबकि भाजपा के राम सिंह को 57,699 वोट प्राप्त हुए थे.

2022 के चुनाव में महबूब अली की जीत का अंतर 71,036 वोट रहा था. चुनावी रिकॉर्ड के मुताबिक वह 2002, 2007, 2012, 2017 और 2022 में अमरोहा विधानसभा सीट से जीत दर्ज कर चुके हैं.

शमी और हसीन जहां का विवाद

मोहम्मद शमी और हसीन जहां के बीच लंबे समय से विवाद रहा है. मार्च 2018 में हसीन जहां ने शमी और उनके परिवार पर कई आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद दोनों के बीच विवाद सार्वजनिक हो गया था.

इसी दौर में शमी पर मैच फिक्सिंग से जुड़े आरोप भी लगाए गए थे. जांच के बाद बीसीसीआई की ओर से शमी के खिलाफ आगे कार्रवाई नहीं की गई थी.

बाद के वर्षों में दोनों के बीच कानूनी विवाद भी सामने आते रहे. उपलब्ध सार्वजनिक रिकॉर्ड में 2023 में दोनों के तलाक का भी उल्लेख मिलता है, इसलिए मौजूदा खबर में हसीन जहां को शमी की पत्नी के बजाय उनके नाम से संदर्भित किया गया है.

अब अमरोहा में शमी और उनके भाई हसीब के संभावित चुनाव को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच हसीन जहां के बयान ने भी इस राजनीतिक घटनाक्रम में एक नया पक्ष जोड़ दिया है. फिलहाल शमी, हसीब और हसीन जहां में से किसी की उम्मीदवारी को लेकर औपचारिक घोषणा नहीं हुई है.