Lifestyle Desk – आजकल खूबसूरत और स्टाइलिश हाथों के लिए Nail Extensions और जेल नेल्स का ट्रेंड काफी बढ़ गया है। अलग-अलग डिजाइन और रंगों वाले आर्टिफिशियल नेल्स हाथों की खूबसूरती बढ़ा देते हैं। लेकिन अगर इन्हें बार-बार कराया जाए या हटाते समय नाखूनों का सही ध्यान न रखा जाए, तो प्राकृतिक नाखून कमजोर, पतले और भंगुर हो सकते हैं। कई लोगों को नेल एक्सटेंशन हटाने के बाद नाखूनों के टूटने, परत निकलने या रूखेपन की समस्या महसूस होती है। ऐसे में कुछ समय के लिए नाखूनों को ब्रेक देना और उनकी सही देखभाल करना जरूरी है। आइए जानते हैं कमजोर नाखूनों की देखभाल के कुछ आसान तरीके।

कुछ समय के लिए नेल एक्सटेंशन से लें ब्रेक

अगर आपके प्राकृतिक नाखून लगातार कमजोर हो रहे हैं तो सबसे पहले कुछ समय के लिए Nail Extensions, जेल पॉलिश और अन्य नेल ट्रीटमेंट से ब्रेक लें। इससे नाखूनों को सामान्य रूप से बढ़ने और रिकवर होने का समय मिल सकता है। हर व्यक्ति के नाखूनों की स्थिति अलग होती है, इसलिए दोबारा एक्सटेंशन कराने से पहले नाखूनों की हालत को ध्यान में रखना बेहतर है।

नाखूनों को बहुत छोटा न काटें

कमजोर नाखूनों को बहुत ज्यादा छोटा काटने या बार-बार फाइल करने से बचें। नाखूनों को आरामदायक लंबाई में रखें और किनारों को हल्के हाथ से फाइल करें। फाइल करते समय एक ही दिशा में धीरे-धीरे फाइल करना नाखूनों के किनारों पर अनावश्यक खिंचाव को कम करने में मदद कर सकता है।

नाखूनों और क्यूटिकल्स को रखें मॉइस्चराइज

बार-बार नेल पॉलिश, रिमूवर और अन्य उत्पादों के इस्तेमाल से नाखूनों के आसपास की त्वचा रूखी हो सकती है। इसलिए हाथ धोने के बाद हाथों के साथ नाखूनों और क्यूटिकल्स पर भी मॉइस्चराइजर लगाएं।
क्यूटिकल ऑयल या साधारण मॉइस्चराइजिंग ऑयल का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। हालांकि किसी भी उत्पाद से जलन या एलर्जी हो तो उसका इस्तेमाल बंद कर दें।

एसीटोन का इस्तेमाल कम करें

जेल पॉलिश या कुछ तरह के नेल प्रोडक्ट्स हटाने में एसीटोन का इस्तेमाल किया जाता है। बार-बार और लंबे समय तक एसीटोन के संपर्क में आने से नाखून और आसपास की त्वचा रूखी हो सकती है।इसलिए बिना जरूरत बार-बार नेल पॉलिश बदलने से बचें। जेल नेल्स या एक्सटेंशन हटाते समय उन्हें खुद से खींचकर या नोचकर निकालने के बजाय प्रशिक्षित प्रोफेशनल की मदद लेना बेहतर है।

नाखूनों को पानी और केमिकल से बचाएं

बहुत देर तक पानी में हाथ रखने या डिटर्जेंट और सफाई वाले केमिकल के लगातार संपर्क में रहने से नाखूनों की स्थिति प्रभावित हो सकती है। घर के काम करते समय रबर के दस्ताने पहनना एक आसान तरीका हो सकता है। हाथ धोने के बाद उन्हें अच्छी तरह सुखाएं और फिर मॉइस्चराइजर लगाएं।

डाइट पर भी दें ध्यान

नाखूनों की सेहत के लिए संतुलित आहार जरूरी है। डाइट में पर्याप्त प्रोटीन, आयरन, जिंक, विटामिन और अन्य पोषक तत्व शामिल होने चाहिए। इसके लिए दालें, अंडे, दूध-दही, हरी सब्जियां, फल, नट्स और बीज जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थ लिए जा सकते हैं।हालांकि केवल सप्लीमेंट लेने से नाखून मजबूत हो जाएंगे, ऐसा जरूरी नहीं है। किसी पोषक तत्व की कमी का संदेह हो तो डॉक्टर की सलाह से जांच कराना बेहतर है।

कब डॉक्टर को दिखाएं?

अगर नाखून लगातार टूट रहे हैं, उनका रंग या आकार बदल रहा है, नाखून आसपास की त्वचा से अलग हो रहा है, दर्द या सूजन है या लंबे समय तक सुधार नहीं हो रहा है, तो इसे केवल नेल एक्सटेंशन का असर मानकर नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।याद रखें, नेल एक्सटेंशन खूबसूरती बढ़ाने का एक विकल्प है, लेकिन प्राकृतिक नाखूनों की सेहत भी उतनी ही जरूरी है। बार-बार एक्सटेंशन कराने के बजाय बीच-बीच में नाखूनों को आराम दें, उन्हें मॉइस्चराइज रखें और एक्सटेंशन हटाते समय सही प्रक्रिया अपनाएं। इससे नाखूनों को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है।