हेमंत शर्मा, इंदौर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में उज्जैन की शाही मस्जिद को लेकर सोमवार को सुनवाई पूरी हुई। दो मुस्लिम पक्षों की तरफ से इंदौर हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी। एक पक्ष ने अपनी याचिका वापस लेते हुए कहा कि हमारी प्रशासन से बातचीत हो चुकी है। वहीं दूसरे पक्ष की याचिका में मस्जिद के हिस्से को तोड़े जाने को लेकर सहमति बनी। सहमति के अनुसार मस्जिद को तीन फीट से ज्यादा नहीं तोड़ा जाएगा। मस्जिद के प्रभावित हिस्से के लिए तय की एफएआर (FAR) और टीडीआर (TDR) समय पर देने की अपील की गई है।
दरअसल, उज्जैन में सिंहस्थ 2028 को लेकर चौड़ीकरण का काम चल रहा है। इसके तहत चौड़ीकरण की जद में आने वाले दर्जनों धार्मिक स्थलों की जगहों को हटाया जा चुका है। वहीं खड़े हनुमान मंदिर और शाही मस्जिद को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई थी। शाही मस्जिद हटाने को लेकर मुस्लिम समाज बीते दो दिनों से प्रदर्शन कर रहा है।
रविवार की रात प्रदर्शन
रविवार की रात जेसीबी और पोकलैंड मशीनों के साथ भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा था। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए। मस्जिद के बाहर एकत्र हुए और देर रात तक विरोध प्रदर्शन किया। पूरी रात भारी गहमा गहमी बनी रही। वहीं जिला प्रशासन ने समाज के लोगों से बातचीत की। आपसी सहमति बनने के बाद भीड़ वापस घर लौट गई।
प्रशासन के साथ हुई बैठक
सूत्रों के हवाले से बताया गया कि प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच बैठक हुई, जिसमें मस्जिद के हिस्से को समाज के लोगों की तरफ से स्वयं हटाए जाने को लेकर सहमति बनी। सहमति के बाद सोमवार सुबह मुस्लिम समाजजन स्वयं चौड़ीकरण की जद में आ रहे हिस्से को हटाने पहुंचे।
एक गुट ने किया विरोध
इधर, शादी मस्जिद को तोड़ने के दौरान हंगामा हो गया। मस्जिद को हटाने को लेकर एक गुट ने विरोध किया और पथराव शुरू कर दिया। वहीं पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। इस बीच हाईकोर्ट ने तोड़फोड़ पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है।
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