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इंद्रपाल सिंह, नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश में गर्मी से लोगों का हाल बेहाल है। प्रदेश के कई जिलों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। आलम यह है कि एयर कंडीशनर और कूलर खरीदने के लिए बाजारों में लोगों की भीड़ उमड़ रही है। एमपी में तेज धूप की वजह से न सिर्फ आम इंसान और जानवर परेशान हैं, बल्कि अब निर्जीव वस्तुएं भी भीषण गर्मी से अछूते नहीं हैं। ट्रांसफार्मर से मिलने वाली बिजली से कूलर चलाते आप सभी ने देखा ही है, लेकिन ट्रांसफार्मर को ठंडी हवा देने के लिए कूलर लगाने का मामला आपने शायद ही कभी सुना होगा। लेकिन यह हुआ है नर्मदापुरम जिले में… जहां ट्रांसफार्मर को गर्मी लगने पर बिजली विभाग को कूलर की व्यवस्था करनी पड़ी। आइए जानते हैं पूरा मामला…
ट्रांसफार्मर में आग लगाने से रोकने अपनाया ये तरीका
दरअसल नर्मदापुरम में बिजली सप्लाई करने वाले ट्रांसफार्मर को गर्मी से बचाने के लिये विद्युत् कंपनी सब-स्टेशनों पर कूलर की व्यवस्था कर रही है। जिससे इस भीषण गर्मी की वजह से ट्रांसफार्मर में आग लगने से रोका जा सके। नर्मदापुरम के इटारसी विद्युत् सब स्टेशन पर लगे बड़े ट्रांसफार्मर को तेज धूप की वजह से होने वालो गर्मी से बचाने के लिये दो कूलर लगाये गये हैं। जिन्हें सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक चालू रखा जाता है।
कूलर से बड़े ट्रांसफार्मर का तापमान होता है कम
विद्युत् ट्रांसफार्मरों का तापमान ठीक रखने के उदेश्य से सब स्टेशन पर कूलर लगाये गये हैं। गर्मी में कूलरों की ठंडक से ट्रांसफार्मरों का तापमान सही बना रहता है। इटारसी सब स्टेशन पर बड़े ट्रांसफार्मरों के तापमान को बरकरार रखने के लिए कूलरों से ठंडी हवा दी जा रही है। क्योंकि गर्मी में ट्रांसफार्मर की केबल में आग लगने की पूरी संभावना बनी रहती है।
इस तरह के प्रयोग से बड़े ट्रांसफार्मरो में आग लगने के खतरे से कुछ हद तक बचा जा सकता है। अभी बड़े ट्रांसफार्मर पर दो कूलरों को लगाकर ठंडी हवा दी जा रही है।
अलग-अलग स्तर पर काम किया जा रहा
ट्रांसफार्मरों के लिए कूलर लगाने पर विद्युत कंपनी इटारसी के शहरी प्रबंधक अभिषेक कनोजे का कहना है कि ट्रांसफार्मर को ठंडक प्रदान करने के लिए अलग-अलग स्तर पर काम किया जा रहा है। सबसे पहले हम लोड बांटने का काम करते हैं। अगर कोई ट्रांसफार्मर या PTR ओवरलोड हो रहा होता है तो हमारी प्राथमिकता रहती है कि उसका लोड कम किया जाए।
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उन्होंने आगे कहा कि अगर इसके बाद भी टेंपरेचर मिनिमम लेवल से ज्यादा जाता है तो उस कंडीशन में कूलरों का सहारा ले रहे हैं। PTR ओवरलोड होने से बड़ी समस्या आ सकती है। इसलिए पहले ही ट्रांसफार्मर को ठंडा रखने की व्यवस्था की जा रही है। इस वजह से ट्रिपिंग समस्या होने पर बिजली कंपनी इस तरह की व्यवस्था करती है जिससे लगभग 8 डिग्री सेल्सियस तापमान कम हो जाता है।
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