राघव विज, अंंबाला। अंबाला, पंचकूला और सोनीपत नगर निगम चुनावों को लेकर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कांग्रेस के पूर्व पार्षद और अधिवक्ता मिथुन वर्मा द्वारा दायर की गई रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सरकार के एक पुराने नोटिफिकेशन को रद्द कर दिया है।
दरअसल सरकार ने 4 सितंबर 2025 को एक नोटिफिकेशन जारी किया था, जिसमें परिवार पहचान पत्र के डेटा को आधार मानकर अंबाला और पंचकूला की जनसंख्या को कम दिखाया गया था। जनसंख्या के गलत आंकड़ों के आधार पर अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित सीटों को कम कर दिया गया था। अंबाला में ये सीटें 5 से घटाकर 3 और पंचकूला में 4 से घटाकर 3 कर दी गई थी। इस मामले में पंचकूला से रविन्द्र रावल और अंबाला से मिथुन वर्मा, पूर्व सरपंच राकेश शर्मा और पूर्व पार्षद राजिंदर कौर ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

कोर्ट ने सरकार द्वारा जारी उस नोटिफिकेशन को रद्द कर दिया है, जिसमें जनसंख्या और आरक्षण के आंकड़े गलत थे। अब सरकार को सही आंकड़ों के आधार पर दोबारा नोटिफिकेशन जारी करना होगा। नए नोटिफिकेशन के बाद ही नगर निगम चुनावों की आगे की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
एडवोकेट मिथुन वर्मा ने कहा सरकार ने गलत डेटा पेश करके जनता के साथ खिलवाड़ किया था। यह एक तरह से इलेक्शन चोरी की कोशिश थी, जिसे आज हाईकोर्ट ने बेनकाब कर दिया है। अब पहले सही जनसंख्या के आधार पर नोटिफिकेशन आएगा, उसके बाद ही लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव होंगे। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अब हरियाणा सरकार को अपनी चुनावी रणनीति और डेटा मैनेजमेंट पर दोबारा विचार करना होगा। विपक्ष इसे अपनी बड़ी जीत मान रहा है।

