कुमार इंदर, जबलपुर। मध्य प्रदेश के सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में फैकल्टी भर्ती को लेकर जबलपुर हाईकोर्ट में चल रहा मामला अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। 286 पदों पर केवल महिलाओं के लिए निकाली गई भर्ती को पुरुष उम्मीदवारों ने चुनौती दी है। आज की सुनवाई में बड़ा अपडेट सामने आया है।  

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मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने दिसंबर 2025 में ग्रुप-1 सब ग्रुप-2 भर्ती का विज्ञापन जारी किया था। इसमें एसोसिएट प्रोफेसर के 40, असिस्टेंट प्रोफेसर के 28 और सिस्टर ट्यूटर के 218 पद शामिल हैं – कुल 286 पद। लेकिन सभी पदों पर 100% आरक्षण केवल महिलाओं के लिए रखा गया, जिससे पुरुष उम्मीदवार बाहर हो गए।

इस विज्ञापन को जबलपुर निवासी नौशाद अली सहित कई पुरुष उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। याचिका में कहा गया कि यह आरक्षण असंवैधानिक है और समानता के अधिकार का उल्लंघन करता है। हाईकोर्ट ने पहले सरकार से जवाब मांगा था। आज 6 जनवरी को हुई सुनवाई में सरकार ने अपना रुख बदला। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की ओर से अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि पुरुष उम्मीदवारों को भर्ती में शामिल करने पर मंडल सहमत है।

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कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुरुषों की उम्मीदवारी और पात्रता पर अंतिम निर्णय 7 जनवरी को सुनाने का फैसला किया। इससे पहले ट्यूटर के 218 पदों को भर्ती प्रक्रिया से बाहर किया जा चुका है, लेकिन प्रोफेसर स्तर के 68 पद अभी विवाद में हैं। फॉर्म भरने की अंतिम तारीख 7 जनवरी है, ऐसे में कोर्ट का कल का फैसला अहम होगा। अगर पुरुषों को एंट्री मिली तो भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव आएगा।

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