Lifestyle Desk- सुबह का नाश्ता दिन के सबसे जरूरी मील में से एक माना जाता है। रात के खाने के बाद कई घंटों तक कुछ नहीं खाने के बाद जब सुबह शरीर जागता है, तो उसे एनर्जी की जरूरत होती है। यही वजह है कि हेल्थ एक्सपर्ट्स अक्सर नाश्ता स्किप न करने की सलाह देते हैं। हालांकि, नाश्ता करने के सही समय को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल रहते हैं। कुछ लोग उठते ही नाश्ता कर लेते हैं, तो कुछ लोग सुबह उठने के कई घंटे बाद खाना खाते हैं। ऐसे में सवाल है कि आखिर सुबह उठने के कितनी देर बाद नाश्ता करना चाहिए? आइए इसके बारे में जानते हैं विस्तार से।

उठते ही नाश्ता करना जरूरी नहीं
सुबह आंख खुलते ही तुरंत खाना शुरू कर देना हर व्यक्ति के लिए जरूरी नहीं है। शरीर को जागने और सामान्य दिनचर्या में आने के लिए थोड़ा समय देना ठीक रहता है। आमतौर पर उठने के 1 से 2 घंटे के अंदर नाश्ता करना एक व्यावहारिक समय माना जा सकता है।हालांकि, नाश्ते का समय हर व्यक्ति की दिनचर्या, भूख, काम के समय और स्वास्थ्य स्थिति के हिसाब से अलग हो सकता है। अगर सुबह उठने के तुरंत बाद तेज भूख लगती है, तो ज्यादा देर तक खाली पेट रहने की जरूरत नहीं है। वहीं अगर उठने के बाद भूख नहीं लगती, तो थोड़ी देर बाद नाश्ता किया जा सकता है।
सुबह का नाश्ता क्यों है जरूरी
रात के खाने के बाद सुबह तक शरीर कई घंटे बिना भोजन के रहता है। इस दौरान शरीर अपने स्टोर किए हुए ऊर्जा स्रोतों का इस्तेमाल करता है। सुबह पौष्टिक भोजन लेने से शरीर को दिन की शुरुआत के लिए ऊर्जा मिलती है।
इसके अलावा, संतुलित नाश्ता करने से लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस हो सकता है और बार-बार अनहेल्दी स्नैक्स खाने की इच्छा कम हो सकती है। नाश्ता खासकर उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है जिन्हें सुबह शारीरिक मेहनत या लंबे समय तक काम करना पड़ता है।
सिर्फ टाइमिंग नहीं, नाश्ते की क्वालिटी भी जरूरी
नाश्ता किस समय किया जा रहा है, यह महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है कि प्लेट में क्या है। केवल चाय-बिस्किट, नमकीन या मीठी चीजों को नाश्ता मानना सही नहीं है।नाश्ते में प्रोटीन, फाइबर, साबुत अनाज और पौष्टिक फैट को शामिल किया जा सकता है। इसके लिए अंडा, दही, पनीर, मूंग या बेसन का चीला, पोहा, उपमा, दलिया, ओट्स, साबुत अनाज की रोटी और मौसमी फल जैसे विकल्प लिए जा सकते हैं। अगर नाश्ते में कार्बोहाइड्रेट के साथ प्रोटीन और फाइबर शामिल किया जाए, तो यह ज्यादा संतुलित मील बन सकता है।
क्या देर से नाश्ता करना नुकसानदायक है?
अगर कोई व्यक्ति सुबह उठने के तुरंत बाद नाश्ता नहीं करता तो इसका मतलब यह नहीं है कि उसकी सेहत पर तुरंत कोई नकारात्मक असर होगा। कुछ लोग अपनी दिनचर्या के अनुसार देर से नाश्ता करते हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि पूरे दिन का खान-पान संतुलित हो और व्यक्ति लंबे समय तक बिना वजह भूखा न रहे।
हालांकि, रोजाना नाश्ता बहुत ज्यादा देर से करना और फिर दिन में अनियमित तरीके से खाना खाने की आदत को स्वस्थ दिनचर्या नहीं माना जा सकता। खासकर जिन लोगों को डायबिटीज जैसी स्वास्थ्य समस्या है, उन्हें अपने खाने का समय डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह के अनुसार तय करना चाहिए।
सुबह उठकर पहले क्या करें?
सुबह उठने के बाद सबसे पहले शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए पानी पी सकते हैं। इसके बाद अपनी दिनचर्या के अनुसार हल्की एक्सरसाइज, वॉक या दूसरे काम किए जा सकते हैं और भूख के अनुसार नाश्ता किया जा सकता है।
याद रखें कि नाश्ते का कोई एक तय समय सभी लोगों के लिए सही नहीं हो सकता। आम तौर पर उठने के 1-2 घंटे के भीतर संतुलित नाश्ता करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है, लेकिन आपकी उम्र, दिनचर्या, स्वास्थ्य और भूख के अनुसार इसमें बदलाव हो सकता है।इसलिए नाश्ते की टाइमिंग को लेकर किसी एक नियम को सभी पर लागू करने के बजाय अपने शरीर की जरूरत और नियमित दिनचर्या को ध्यान में रखना ज्यादा बेहतर है।


